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जौनपुर के बहुचर्चित डबल मर्डर और डकैती कांड का मुख्य वांछित आरोपी आसिफ उर्फ विक्की छैमार मंगलवार को यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह मुठभेड़ अंबेडकरनगर जिले के भीवाना थाना क्षेत्र में हुई। यह मुठभेड़ मंगलवार सुबह हुई। गोली लगने से आसिफ गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र निवासी आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू उर्फ मजहर के रूप में हुई है। एसटीएफ ने आसिफ के पास से 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसटीएफ के अनुसार, आसिफ अपने गिरोह के साथ घरों में लोगों को बंधक बनाकर डकैती करता था और विरोध करने पर हत्या करने से भी नहीं हिचकता था। आसिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में डकैती, हत्या और लूट के 21 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। आसिफ 23 अप्रैल 2014 की रात शाहगंज थाना क्षेत्र के नई आबादी, खुटहन रोड स्थित दवा व्यापारी धीरज सिंह के घर हुई वारदात का मुख्य आरोपी था। इस घटना में धीरज सिंह की 23 वर्षीय बेटी स्वाति सिंह और 45 वर्षीय पत्नी सुमन सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। बदमाश लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। आसिफ इस मामले में लंबे समय से फरार था। इन सनसनीखेज वारदातों में भी था वांछित
19 अक्टूबर 2013: सुल्तानपुर में घर में घुसकर हत्या के बाद डकैती।
23 अप्रैल 2014: शाहगंज (जौनपुर) में डबल मर्डर और डकैती।
15 अगस्त 2015: कौशांबी के कोखराज में डकैती के दौरान दंपति की हत्या।
19 अगस्त 2015: मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र में एक ही रात छह घरों में डकैती, एक महिला को गंभीर रूप से घायल किया।
13 जनवरी 2021: कानपुर देहात के रसूलाबाद में तासीम की हत्या।
एसटीएफ के अनुसार आसिफ साल 2013 के सुल्तानपुर हत्याकांड, साल 2014 के जौनपुर डबल मर्डर-डकैती कांड और साल 2015 के मुजफ्फरनगर डकैती कांड में लंबे समय से वांछित चल रहा था। उसके मारे जाने के साथ ही प्रदेश के कई चर्चित मामलों का एक अहम आरोपी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं बच सका।
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