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शाहजहांपुर में 18,806 शिक्षाकर्मियों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिला है। इस योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से 26.05 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। गन्ना शोध परिषद में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं और रसोइयों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, डीबीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी आदि के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि वितरित की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बुधवार को गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर के सभागार में किया गया। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कुल 18,806 कर्मियों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना से लाभान्वित किया गया है। इनमें 6,542 शिक्षक, 3,782 शिक्षामित्र, 666 अनुदेशक, 7,625 रसोइया, 51 विशेष शिक्षा शिक्षक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 130 शिक्षक शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डीबीटी के माध्यम से जनपद के विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में 26.5 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा रही है। मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि शिक्षकों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। आधारभूत सुविधाओं में सुधार किया जा रहा मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना से शिक्षकों और उनके परिवारों की चिकित्सा संबंधी चिंताएं कम होंगी तथा उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में बेहतर उपचार मिलेगा। खन्ना ने आगे कहा कि एनडीए सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने अलंकार योजना का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों को समस्या समाधान के लिए आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 से बढ़कर 81 हो गई है, हालांकि अभी भी प्रति हजार जनसंख्या पर चिकित्सकों की उपलब्धता के वितरण में असमानता बनी हुई है।
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