![]()
हाथरस में ईको गाड़ी की एक स्कूली बस से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ईको चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार सात मजदूर घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और क्षतिग्रस्त वाहनों के कारण बाधित हुए आवागमन को सुचारू कराया। हादसा सुबह करीब साढ़े 6 बजे चंदपा कोतवाली क्षेत्र में ककोड़ी और अल्हैपुर के बीच हुआ। हादसे में घायल हुए सभी लोग सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव आरती के रहने वाले हैं, और पल्लेदारी का काम करते हैं। बताया जा रहा है कि वे हाथरस में रातभर मजदूरी करने के बाद सोमवार सुबह ईको गाड़ी से वापस अपने गांव लौट रहे थे। ईको गाड़ी को गांव आरती निवासी राजा बाबू (32) चला रहे थे। उनके साथ वीरेंद्र, अवनीश, रतन सिंह, वीकेश, नरेश, राकेश और हरदम सिंह भी मौजूद थे। लेकिन ककोड़ी गांव से थोड़ा आगे पहुंचते ही उनका सफर हादसे में बदल गया। सुबह 6:30 बजे स्कूल बस से हुई टक्कर प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल की बस और मजदूरों से भरी ईको गाड़ी की आमने-सामने अथवा जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद ईको गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके अंदर सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में ईको चालक राजा बाबू को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। वहीं, गाड़ी में सवार सात मजदूर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद चंदपा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्कूल बस में सवार बच्चे सुरक्षित, पुलिस ने संभाला मोर्चा हादसे के समय स्कूल बस में बच्चे भी सवार थे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में बस में मौजूद सभी बच्चे सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। चंदपा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात को दोबारा सुचारू कराया। पुलिस ने मृतक राजा बाबू के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सादाबाद जन स्थान भी अस्पताल पहुंचे और घायलों तथा हादसे से जुड़ी जानकारी ली। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी है।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया राजा बाबू की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव और परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। राजा बाबू अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। जो व्यक्ति सुबह घर लौटने के लिए गाड़ी लेकर निकला था, अब उसकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची। परिजनों के लिए यह भरोसा करना मुश्किल हो रहा है कि रातभर काम करने के बाद घर लौट रहा राजा बाबू अब कभी वापस नहीं आएगा। गांव में भी हादसे की चर्चा बनी हुई है और घायल मजदूरों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। फिलहाल, सातों घायलों का उपचार चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
Source link