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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुल्तानपुर में दो विधानसभा क्षेत्रों में 600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। उनके आगमन के मद्देनजर शहर में एक दिन के लिए ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और कुछ स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री पुलिस लाइन से सटे सर्कस ग्राउंड से एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं में विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के दौरे के कारण शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख मार्गों पर आवागमन नियंत्रित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष और इसौली से दावेदार गुफरान अहमद सैफी ने एक वीडियो जारी कर प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के नाम पर पूरे शहर में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैफी ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सीधे पुलिस लाइन में उतरना है, तो दूर-दराज के आम नागरिकों और रोज़ कमाने-खाने वालों के रास्ते रोककर उन्हें क्यों परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के स्कूलों को बंद किए जाने के फैसले पर भी गहरी आपत्ति जताई। सपा नेता ने कहा कि डेढ़ महीने की गर्मियों की छुट्टियों के बाद अभी कुछ ही दिन पहले स्कूल खुले हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री के आगमन के नाम पर स्कूलों को बंद करना बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब छुट्टियां होती हैं तो भाजपा की रैलियों के लिए इन्हीं बच्चों को बसों में भरकर ले जाया जाता है, लेकिन जब पढ़ाई के दिन होते हैं तो सुरक्षा के नाम पर स्कूल बंद कर दिए जाते हैं।
उधर कांग्रेस पीसीसी सदस्य और पूर्व नगर पालिका प्रत्याशी वरुण मिश्रा ने शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर सवाल उठाए हैं। मिश्रा ने मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर ध्यान देने का आग्रह किया है। वरुण मिश्रा ने कहा कि सुल्तानपुर में विद्युत व्यवस्था और सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है, जिससे इसकी उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लगता है।
शहर में बेतरतीब पार्किंग और होर्डिंग्स की भरमार है, जिससे शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है। मिश्रा ने पौधरोपण अभियानों की देखरेख पर भी सवाल उठाए और निराश्रित गोवंश की समस्या को उजागर किया, जो सड़कों पर प्लास्टिक खाते हुए दिखते हैं और आम जनता के लिए खतरा बने हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील से लेकर हर सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता। इसके अतिरिक्त, पुलिस, आर्मी और पैरामिलिट्री के अभ्यर्थियों के लिए दौड़ने की प्रैक्टिस हेतु कोई उचित स्टेडियम या ट्रैक उपलब्ध नहीं है।
मिश्रा ने सुल्तानपुर शहर के मोहल्लों की खस्ताहाल सड़कों का भी जिक्र किया। उन्होंने सुझाव दिया कि अब शहर का विस्तार करने का समय आ गया है और इसका क्षेत्र चारों कोनों पर विस्तृत किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री की रैली के मद्देनजर सुल्तानपुर में आज व्यापक यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। शहर में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
वीवीआईपी, विधायकगण और अधिकारियों के वाहनों के लिए पुलिस लाइन परिसर में पार्किंग स्थल 1 निर्धारित किया गया है। मीडिया के वाहनों के लिए डीआईईटी (DIET) कार्यालय परिसर को पार्किंग स्थल 2 बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, रेलवे कॉलोनी के रिक्त स्थान (प्लेटफार्म नंबर 4 के बगल वाली सड़क) को अधिकारियों के लिए पार्किंग स्थल 3 के रूप में उपयोग किया जाएगा।
जनसभा में शामिल होने वाले आम जनता की बसों के लिए पुलिस लाइन परिवहन शाखा परिसर (पार्किंग स्थल 4) निर्धारित है। करौंदिया फ्लाईओवर के नीचे (पार्किंग स्थल 5), रामनरेश त्रिपाठी सभागार (पार्किंग स्थल 7), केश कुमारी कॉलेज के पीछे दीवानी न्यायालय के पास (पार्किंग स्थल 8), खुर्शीद क्लब परिसर (पार्किंग स्थल 9), जीआईसी (GIC) कैंपस (पार्किंग स्थल 10), और पीएम श्री-केशकुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कैंपस (पार्किंग स्थल 11) में दोपहिया, कार और बसों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
जनसभा में आने वाले छोटे वाहनों के लिए रेलवे स्टेशन मालगोदाम (पार्किंग स्थल 6) का उपयोग किया जाएगा। यहां से लोग रेलवे स्टेशन परिसर में उतरकर प्लेटफार्म नंबर 1 पर बने फ्लाईओवर से पैदल जनसभा स्थल तक जा सकेंगे। यातायात व्यवस्था के संचालन के लिए शहर में आने वाले वाहनों और ई-रिक्शा का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। टेढ़ुई तिराहा, भुलकी चौराहा, अंकित पेट्रोल पंप के पास फ्लाईओवर से पयागीपुर, अमहट और कटावा मोड़ से शहर के अंदर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। शहर के अंदर ई-रिक्शा का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा।
हालांकि, ऐसे वाहन स्वामी जिनका निवास स्थान शहर के अंदर है या जिन्हें किसी आवश्यक कार्य से शहर में आना जरूरी है, वे अपना परिचय पत्र दिखाकर पयागीपुर, भुलकी और टेढ़ुई से शहर के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, मीडिया वाहन, स्कूल बसें, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। समस्त वेंडर और पथ विक्रेता अपने ठेले/दुकानों को नगर पालिका परिषद द्वारा निर्धारित वेंडर जोन में ही लगाएंगे।
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