![]()
सीतापुर के विकासखंड बेहटा के प्राथमिक विद्यालय ऊंचगांव में सरकारी किताबें और अभिलेख जलाने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने प्रभारी प्रधानाध्यापक रणविजय सिंह और सहायक अध्यापक जीतपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विद्यालय के पूरे स्टाफ का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं। दो दिन पहले मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में विद्यालय परिसर में जले हुए कागजों और किताबों के अवशेष तथा धुआं उठता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग, अभिभावकों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने सरकारी रिकॉर्ड और किताबों को जानबूझकर आग के हवाले कर दिया। यह भी आरोप था कि रिकॉर्ड जलाने से पहले विद्यालय के अन्य शिक्षकों को उनकी-उनकी कक्षाओं में भेज दिया गया, ताकि कोई इसका विरोध न कर सके। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इसे संभावित अनियमितताओं और रिकॉर्ड मिटाने की कोशिश बताते हुए जिलाधिकारी, बीएसए और शासन से कठोर कार्रवाई की मांग की थी। मामला सामने आने के बाद बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने स्वयं विद्यालय पहुंचकर जांच कराई थी। जांच में सामने आया कि किताबें जलाने के पीछे दोनों शिक्षकों के बीच चार्ज लेने और आपसी गुटबाजी को लेकर विवाद चल रहा था। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों को दोषी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। बीएसए ने स्पष्ट किया कि सरकारी अभिलेखों और शैक्षणिक सामग्री के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच जारी रखते हुए आवश्यकतानुसार आगे भी कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
Source link