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पूरे शहर में सिर्फ फोटोबाजी हो रही है। अधिकारी अगर नैतिकता रखते हैं तो मेरे साथ इन गलियों में चलें। तब पता चलेगा कि वार्ड की असली हालत क्या है…। यह चुनौती वार्ड-47 महात्मा ज्योतिबा फुले नगर के निवासी राजेश कुमार जायसवाल ने दी। ऐसा ही गुस्सा वार्ड के ज्यादातर मोहल्लों के लोगों में देखने को मिला। वार्ड की मुख्य सड़कें भले चमचमाती दिखीं, लेकिन अंदरूनी मोहल्लों में कूड़े के ढेर नजर आए। सड़कों पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है। स्लैब खुले हैं। नालियों के बीच से पेयजल पाइपलाइन निकाली गई है। पाइपलाइन लीकेज होने पर घरों में बदबूदार पानी पहुंच रहा है। हजारीपुर मार्केट में जलभराव से व्यापारियों के गोदाम तक डूब रहे हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। बताया कि नगर निगम का ‘हर घर जल’ का दावा इस वार्ड में धरातल पर नहीं दिखता। हजारीपुर मार्केट व्यापारियों को निगम की अनदेखी की वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-47 का जायजा लिया गया… वार्ड में बिजली के तारों का खतरनाक जाल कई जगह लोगों के लिए जोखिम बना हुआ मिला। नाली के बीच से गुजरती पेयजल पाइपलाइन स्वच्छ पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आई। कई स्थानों पर सड़कों पर नालियों का गंदा पानी बहता मिला। खुले पड़े नाली के स्लैब हादसे की आशंका बढ़ा रहे हैं। हजारीपुर मार्केट में जलभराव के कारण कई दुकानें और गोदाम प्रभावित मिले, जिससे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले ये नजारा देखिए… सिर्फ फोटोबाजी और बयानबाजी हो रही है… राजेश कुमार जायसवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके घर में नाले का गंदा पानी घुस गया, जिसके बाद उन्हें नगर आयुक्त को फोन करना पड़ा। नालियों का फ्लो और कनेक्टिविटी पूरी तरह अव्यवस्थित है, जिससे बारिश में जलभराव हो जाता है। कई जगह नालियों के स्लैब अधूरे और खुले पड़े हैं, जिनमें गिरकर उनकी मां भी घायल हो चुकी हैं। शहर में सिर्फ फोटोबाजी और बयानबाजी हो रही है। यदि अधिकारियों में नैतिक जिम्मेदारी है, तो वे गलियों में आकर वास्तविक स्थिति देखें। वार्ड की बड़ी समस्याएं गंदगी और कूड़े के ढेर: अंदरूनी मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़ा फैला रहता है। दूषित पेयजल: नाली के बीच से गुजर रही पाइपलाइन के कारण लीकेज होने पर बदबूदार पानी घरों तक पहुंच रहा है। खुले स्लैब: कई स्थानों पर खुले स्लैब हादसों का खतरा बने हुए हैं। सड़कों पर जलभराव: नालियों का पानी सड़क पर बहता है और बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। व्यापारियों को नुकसान: जलभराव के कारण दुकानों और गोदामों में पानी घुसने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। मच्छरों का प्रकोप: गंदगी और रुके पानी के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। लोग बोले- बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं विमला गुप्ता ने बताया कि नाली से पानी की पाइपलाइन गुजरने के कारण थोड़ी सी लीकेज में भी घरों में दूषित पानी आने लगता है। उन्होंने पाइपलाइन बदलने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह समस्या कई इलाकों में है। गंदगी और कूड़े के ढेर से परेशान लोग मुख्य सड़कों को छोड़ दें तो वार्ड के अधिकांश अंदरूनी मोहल्लों में जगह-जगह कूड़ा फैला मिला। लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से बदबू और मच्छरों की समस्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई केवल मुख्य मार्गों तक सीमित रहती है, जबकि मोहल्लों की गलियों की अनदेखी की जाती है। मच्छरों से परेशान वार्डवासी रमेश वर्मा और राजेश यादव ने बताया कि शाम होते ही मच्छर बढ़ जाते हैं। घर के बाहर बैठना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने नियमित फॉगिंग और दवा छिड़काव की मांग की। कृष्ण कुमार ने बिजली कटौती, गंदे पानी और खराब सफाई व्यवस्था को बड़ी समस्या बताया। नाली के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन वार्ड के कई हिस्सों में नगर निगम की पानी की पाइपलाइन नालियों के बीच से गुजर रही है। पाइपलाइन में लीकेज होने पर गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल जाता है। लोगों ने बताया कि कई बार नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आता है। मजबूरी में पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ता है। खुले स्लैब और सड़क पर बहता गंदा पानी कई स्थानों पर नालियों के स्लैब खुले पड़े हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी कई लोग इनमें गिरकर घायल हो चुके हैं। वार्ड के कई मोहल्लों में नालियों का पानी सीधे सड़क पर बहता है। बरसात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है तथा लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। हजारीपुर मार्केट में व्यापारियों का नुकसान हजारीपुर मार्केट के व्यापारियों ने बताया कि नाले की निकासी व्यवस्था खराब होने के कारण गंदा पानी दुकानों और गोदामों में घुस जाता है। इसके कारण हजारों रुपये का सामान खराब हो जाता है। व्यापारियों ने नगर निगम से जलनिकासी व्यवस्था सुधारने की मांग की है। ————– ये खबर भी पढ़िए… पानी में दुर्गंध, हवा में बदबू… जिंदगी नरक हो गई:वार्ड-63 में आबादी के बीच बनाया कूड़ा डंपिंग केंद्र, लोग बोले- बदबू कर रही बेहाल गोरखपुर का वार्ड-63 जगन्नाथपुर नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। मोहल्ले के बीच कूड़ा डंपिंग स्थल बना दिया गया है। लोग बदबू, मक्खी-मच्छर और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। नाले जाम हैं। सड़कों पर जलभराव है। घरों तक गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। छुट्टा पशुओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। करीब 25 हजार आबादी वाला यह वार्ड मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है, जबकि जिम्मेदार केवल योजनाएं गिना रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ————– ये खबर भी पढ़िए… नलों का दूषित पानी दांत कर रहा पीले: गोरखपुर के वार्ड-24 के कई हिस्सों में 5 साल से सूखी पाइपलाइन, सड़कें लबालब सड़कें चमकती हैं, लेकिन नालियां उफना रही हैं। पाइपलाइन बिछी है, लेकिन पानी नहीं आता। जहां आ रहा है वहां पीला और दूषित है। लोगों ने बताया कि इसको पीने से दांत भी पीले हो रहे हैं। बारिश हो या न हो, गलियों में गंदा पानी बहता रहता है। यही तस्वीर है गोरखपुर के वार्ड-24 मत्स्येन्द्र नगर की। खास बात यह है कि लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज से आने वालों का शहर में वेलकम इसी वार्ड से होता है। पूरी खबर पढ़ें…
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