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बागपत कलेक्ट्रेट में गुरुवार को उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांग को लेकर एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन के बाद संघ पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि सरकारी कर्मचारियों पर लागू नई पेंशन योजना (एनपीएस) में कई खामियां हैं। इसके चलते कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार आधारित पेंशन योजना से आर्थिक जोखिम संघ ने ज्ञापन में कहा कि नई पेंशन योजना में कर्मचारियों को निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं मिलती। योजना बाजार आधारित होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक जोखिम उठाना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरी सेवा अवधि में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। पुरानी पेंशन को बताया बुढ़ापे का सहारा कर्मचारी संघ ने सरकार से पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। इसे बहाल किए जाने से कर्मचारियों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा मिल सकेगा। मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की मांग पर गंभीरता से विचार कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का आग्रह किया गया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। साथ ही उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय करेगी।
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