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योगी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में मंदिरों के विकास पर काफी ध्यान रहा। केवल शिवालयों पर 51 करोड़ खर्च किए गए और उससे इन स्थानों का विकास हुआ। जिसके चलते यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी है। जिले के प्रमुख शिवालयों पर सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने की संभावना है। देवाधिदेव महादेव भोलेशंकर को अतिप्रिय सावन माह में शिवभक्तों का श्रद्धामय उल्लास देखते ही बनता है। पिछले करीब एक दशक में महानगर से लेकर गांव तक के शिवालयों के हुए कायाकल्प ने इस उल्लास को कई गुना बढ़ा दिया है। योगी सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का भरपूर ध्यान रखकर उनकी आस्था का सम्मान बढ़ाया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पौराणिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनरुद्धार को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसी कड़ी में गोरखपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के शिवालयों का पर्यटन विकास कर उनका कायाकल्प कराया गया है। पर्यटन विभाग ने राज्य योजना, जिला योजना, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास संवर्धन योजना और मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के अंतर्गत गोरखपुर के तीन दर्जन से अधिक शिव मंदिरों को जन सुविधाओं के कलेवर में विकसित किया है। यूं तो सरकार ने सभी तरह के देवालयों का पुनरुद्धार कराया है लेकिन सिर्फ शिव मंदिरों को ही देखें तो करीब 51 करोड़ रुपये शिवालयों के ढांचागत विकास एवं जन सुविधाओं के विकास पर खर्च किए गए हैं। पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद के अनुसार विभाग की योजनाओं के जरिये भरोहिया (पीपीगंज) के प्रसिद्ध पितेश्वरनाथ शिव मंदिर, महानगर के गोरखनाथ क्षेत्र में प्राचीन मानसरोवर मंदिर, राजघाट स्थित मुक्तेश्वरनाथ शिव मंदिर, झारखंडी महादेव मंदिर, भौवापार के प्रसिद्ध मुंजेश्वरनाथ मंदिर, पिपराइच के मोटेश्वर महादेव मंदिर, पिपराइच क्षेत्र के ग्राम लखेसरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर, खजनी के सरया तिवारी स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सहित कई प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया है। इन कार्यों से जहां श्रद्धालुओं को सुविधा और सहूलियत मिली है तो वहीं ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। प्रमुख शिवालयों पर पर्यटन विकास कार्य के मद में खर्च
(एक करोड़ रुपये से अधिक)
-पितेश्वरनाथ मंदिर भरोहिया, 9.88 करोड़ रुपये।
-प्राचीन मानसरोवर मंदिर, 6.01 करोड़ रुपये।
-मुंजेश्वरनाथ मंदिर, भौवापार, 6.23 करोड़ रुपये।
-मोटेश्वर महादेव मंदिर, पिपराइच 1.49 करोड़ रुपये।
-नीलकंठ महादेव मंदिर, सरया तिवारी, 1.77 करोड़ रुपये।
-मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, राजघाट, 2.19 करोड़ रुपये।
-बरगदही शिव मंदिर, भटहट, 1.21 करोड़ रुपये।
-प्राचीन शिव मंदिर, कुई बाजार, (स्वीकृत) 1.97 करोड़ रुपये।
-झारखंडी शिव मंदिर, रंदौली मठिया, (स्वीकृत) 1.48 करोड़ रुपये।
भटहट ब्लॉक के सिरसिया में महादेव कुंड (स्वीकृत) 3.98 करोड़ रुपये।
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