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शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदू महिलाओं को अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने होंगे, तभी सनातन धर्म बचा रहेगा। नहीं तो यह पूजा भी बेकार है। ग्रेटर नोएडा में श्री शक्ति मंदिर मां बगलामुखी पीतांबरा पीठ में महायज्ञ के दौरान यह बयान दिया। सनातन धर्म के शत्रुओं के विनाश के लिए महायज्ञ महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी घूम घूम कर सनातन धर्म की रक्षा, हिन्दू समाज की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश के लिए मां बगलामुखी और महादेव का महायज्ञ आयोजित करते हैं। महायज्ञ की पूर्णाहुति से पूर्व पुरोहित आचार्य सनोज शास्त्री तथा अन्य विद्वान पंडितों के द्वारा विधिवत मां बगलामुखी और महादेव की पूजा अर्चना से किया गया। महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर महायज्ञ स्थल पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने सभी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वो अपने जीवन में मां बगलामुखी की साधना और महादेव की भक्ति को अपनाए। मां बगलामुखीऔर महादेव की कृपा से उनके जीवन के सब कार्य बिना किसी विघ्न बाधा के पूर्ण होंगे और वो धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों को साध सकेंगे। इसके साथ ही मां बगलामुखी और महादेव की शरण में जाने से उन्हें सद्बुद्धि प्राप्त होगी, अपना करणीय कर्तव्य और अकरणीय कर्मों का ज्ञान होगा। मां बगलामुखी और महादेव की कृपा से भक्ति, सद्बुद्धि, ज्ञान, शक्ति, ऐश्वर्य, सम्पन्नता, स्वास्थ्य, पौरुष, पुरुषार्थ, पराक्रम की प्राप्ति होगी। जिससे हमारे धर्म,हमारे परिवार और हमारे अस्तित्व की रक्षा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब तो हममें से प्रत्येक को अपने धर्म, अपने परिवार और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए जुट होना चाहिए। हर हिंदू पांच बच्चे पैदा करे आज हमारी रक्षा के लिए कोई नेता, कोई धर्मगुरु, कोई संगठन, कोई सेना और कोई पुलिस नहीं है। जहां भी मुस्लिम वर्चस्व बढ़ता है, वहां थोड़े समय में हिंदुओं का पूरी तरह सफाया हो जाता है। ऐसे में हिंदुओं को अपनी घटती हुई जनसंख्या पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। यदि ये देश हिन्दू बाहुल्य नहीं रहा तो ना तो ये देश धर्म निरपेक्ष रहेगा और ना ही लोकतांत्रिक रहेगा। इसे हिन्दू बाहुल्य बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। इसीलिए आज हर हिन्दू को कम से कम चार या पांच बच्चे अवश्य ही पैदा करने चाहिए। आज जो महिला एक पुत्र पैदा करती है उसे मां नहीं बल्कि नागिन समझा जाना चाहिए, क्योंकि भविष्य में उनके बच्चे के साथ जो होगा, उसकी जिम्मेदारी उस महिला पर ही होगी।
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