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ललितपुर शहर के तुवन चौराहे के पास 40 फीट ऊंचे भारत के नक्शे वाले एक स्तंभ को तोड़ने का मंगलवार को विरोध हुआ। लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया। प्रशासन ने जमीन और स्तंभ से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। इस घटना पर कांग्रेस और सपा जिलाध्यक्षों ने स्तंभ को तोड़े जाने का विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्तंभ को तुड़वा रहे भाजपा नेता ने दावा किया कि यह उनकी निजी जमीन पर बना था और जर्जर होने के कारण इसे तोड़ा जा रहा था। यह स्तंभ लगभग 54 वर्ष पुराना है, जिस पर सबसे ऊपर भारत का नक्शा बना हुआ है। नक्शे के ऊपर हाशिया और हथौड़ा का चिन्ह भी है, साथ ही आकाशीय बिजली निरोधक यंत्र भी लगा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे लोगों ने स्तंभ को तोड़ने का कार्य होते देखा, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की। स्तंभ पर बनी अशोक की लाट को तोड़ना गलत जिलाधिकारी के आदेश पर नायब तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंची और कार्य को रुकवा दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दयाराम रजक ने कहा कि भारत के नक्शे और स्तंभ पर बनी अशोक की लाट को तोड़ना गलत है और तोड़ने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में भाजपा नेता निखिल तिवारी (पूर्व विधायक स्वर्गीय रामकुमार तिवारी के पुत्र) ने बताया कि यह जमीन उनकी है, जिसे उन्होंने वर्ष 2019 में अनुपम जैन से खरीदा था। उन्होंने बताया कि यह जमीन और मकान नजूल की जमीन पर था, जिसे शासन से फ्रीहोल्ड कराया गया है। निखिल तिवारी के अनुसार, इस स्तंभ को डॉ. तारा चंद्र जैन ने 1972 में रूस की यात्रा से लौटकर अपने बगीचे में बनवाया था। उनके निधन के बाद 1982 में उनके पुत्र ने स्तंभ पर एक पद पट्टिका भी लगाई थी। उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि जमीन किस की है, कलेक्ट्रेट नजूल है या फ्री ओल्ड है ,स्तंभ सरकारी अभिलेखों में दर्ज है ,इसकी जांच कराई जा रही है ।



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