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एक साल तक लिवइन में रहने के बाद दो बच्चों की मां और उसके प्रेमी ने रेऊना में मंगलवार देर रात ट्रेन के आगे एक साथ लेटकर सुसाइड कर लिया था। दोनों के शव मरने के बाद भी एक–दूसरे से लिपटे मिले। प्रेमिका की शादी हो चुकी थी, उसके दो बेटियां है। बेटियों को ससुराल में छोड़ कर वह एक साल से प्रेमी के संग रह रही थी। गुरुवार सुबह मृतक प्रेमी के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने महिला के परिजनों पर हत्या करने का आरोप लगाया। पानीपत में हुई थी सुमित और ज्योति की मुलाकात रेऊना थानाक्षेत्र के गौरा गांव निवासी किसान रोहित कुमार ने बताया कि उनके परिवार में पत्नी राजलक्ष्मी तीन बेटेब्रह्मप्रकाश, शिव प्रकाश व सुमित उर्फ उदय प्रकाश (26) व तीन बेटियां हैं। ब्रह्म प्रकाश गुजैनी में किराए के मकान में परिवार संग रहकर मजदूरी करता, शिव प्रकाश दिल्ली में मजदूरी करता है, जबकि सुमित गांव में ही रहकर मजदूरी करता था। पिता ने बताया कि एक साल पहले सुमित पानीपत में काम करने गया था, जहां उसकी मुलाकात बारा दौलतपुर रहने वाले छोटे से हुई थी। इस दौरान सुमित के प्रेम संबंध छोटे की पत्नी ज्योति से हो गए थे। इसके बाद ज्योति अपनी दो बेटियों को छोड़कर सुमित के साथ गांव आ गई थी। दोनों एक साल से घर से अलग लिवइन रिलेशनशिप में रह रहे थे। परिजनों ने बताया कि अगस्त माह में छोटे घर आया था, जिसपर उसने पत्नी से साथ चलने को कहा तो दोनों पक्षों में हंगामा हो गया था। मामला रेऊना थाने पहुंचा, जहां ज्योति ने पति के साथ रहने से इंकार कर दिया था। उसके बाद से दोनों बारा दौलतपुर में किराए के कमरे में साथ रह रहे थे। मंगलवार देर रात सुमित और ज्योति के शव कानपुर बांदा रेलवे लाइन पर पड़े मिले। स्टेशन मास्टर सुधीर सक्सेना ने बताया कि रात 8 चित्रकूट एक्सप्रेस निकलने के बाद शव पड़े मिले थे। जिसकी जानकारी उन्होंने जीआरपी को दी। जीआरपी ने दोनों को शवों को बुधवार को पोस्टमार्टम भिजवाया था, परिजनों के न होने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। गुरुवार को मृतक सुमित के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, लेकिन ज्योति के घर से कोई नहीं आया। भाई बोला–सुसाइड नहीं मर्डर है
मृतक के भाई ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि ज्योति के बहनोई ने गांव के एक युवक के साथ मिलकर मोहर्रम के दिन घरवालों को धमकाया था। बताया कि इसके बाद घटना के दिन यानी मंगलवार की दोपहर इन्हीं लोगों ने बाजार में सुमित को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। भाई ब्रह्मप्रकाश का आरोप है कि ज्योति के बहनोई व अन्य लोगों ने सुमित व ज्योति की हत्या की और आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पिता रोहित कुमार ने बताया कि गांव में आने के बाद सुमित, ज्योति के साथ ससुराल भी रहने के लिए गया था, जहां दोनों 8 दिनों तक साथ रहे थे। जहां ज्योति का बहनोई भी आया था, जिस पर सुमित से उसका विवाद भी हुआ था। झगड़े के दौरान ज्योति के बहनोई ने उसे धमकाया भी था। घर से जेवर व अनाज ले गई थी ज्योति मृतक सुमित की मां राजलक्ष्मी ने बताया कि मोहर्रम के दिन ज्योति घर आई थी, उस दौरान घर पर वह अकेली थीं। ज्योति ने जबरन बक्से का ताला तोड़ उसकी तोड़ियां और 8 हजार रुपए ले लिए। विरोध करने पर उसे धक्का देकर गिरा दिया। इतना ही नहीं घर में रखा अनाज भी ज्योति अपने साथ ले गई थी। पिता रोहित ने बताया कि हम लोगों ने उसे बहू मान लिया था, अगर वो हमसे मांग कर ले जाती तो भी हम खुशी–खुशी उसे सब दे देते। परिवार ने दिया ज्योति को बहू का मान पोस्टमार्टम हाउस में गुरुवार को सुमित के तो परिजन आ गए, लेकिन ज्योति के घर से कोई नहीं आया। भाई ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि उन्होंने ज्योति के घरवालों को फोन किया तो उसके परिवार वालों ने उसकी शक्ल देखने से भी इंकार कर दिया और उन्हें धमकाया भी, कि शव लेकर गांव आओं तब तुम्हें देखेंगे। इधर कागजी कार्रवाई में देर होने पर परिवार ने ज्योति को बहू मानते हुए उसके पंचायतनामें में पति की जगह पर सुमित का नाम दर्ज कराया। परिजनों ने कहा कि वह बेटे सुमित के साथ ज्योति का अंतिम संस्कार भी पूरे विधि–विधान से करेंगे। मौत भी नहीं कर पायी उन्हें जुदा पानीपत में रहने के दौरान ज्योति और सुमित का प्यार ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसमें खा ली। सुमित के प्यार में ज्योति अपने पति और दो बेटियों को ठुकराने को राजी हो गई। इसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे, लेकिन समाज को यह मंजूर नही हुआ। जिस पर दोनों को आए दिन धमकियां मिलने लगी, जिसके बाद दोनों ने सुसाइड करने का फैसला लिया। दोनों एक दूजे का हाथ पकड़ ट्रेन के आगे लेट गए, जब उनके शव पुलिस को मिले तो वह भी आपस में लिपटे हुए थे।



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