Sorting by

×




राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच गोपाल राव एक माह बाद अयोध्या वापस लौटे। मंगलवार को अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने चंपत राय से एकांत मंत्रणा की।अयोध्या में रात बिताई इसके बाद चुपचाप बुधवार को गोपाल ने तीन लोगों के साथ रामलला के दर्शन किए। और वाराणसी के लिए निकल गए। चंपत राय और गोपाल राव के बीच हुई बातचीत का विवरण आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। इस मुलाकात को चढ़ावा चोरी, मंदिर और संघ से जुड़े ताजा घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद गोपाल राव 15 जुलाई को अयोध्या से बाहर चले गए थे। उनके दायित्व और कार्यक्षेत्र में बदलाव की चर्चा सामने आई थी। चर्चाओं के मुताबिक, उनका केंद्र अयोध्या से बदल दिया गया है। ऐसे में करीब एक माह बाद उनकी आमद ने तमाम चर्चाओं को बल दे दिया है। मंदिर और संघ से जुड़े लोगों से वह दिनभर मुलाकात करते रहे। चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बाद एसआईटी की रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने और रिपोर्ट ट्रस्ट को उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद राम मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर चर्चा चल रही है। गोपाल राव से एसआईटी पूछताछ कर चुकी है। ऐसे में गोपाल राव की रामनगरी वापसी को भी चढ़ावा चोरी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। रामकोट की परिक्रमा पर निकले डाक्टर.अनिल मिश्रा,21 को भव्य आयोजन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा बुधवार को रामकोट की परिक्रमा करते नजर आए। उन्होंने संतों और बड़ी संख्या में रामभक्तों के साथ रामकोट की परिक्रमा की।वे रामकोट की परिक्रमा के एक साल पूरे होने पर 21 अगस्त को बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं। सैकड़ों संतों और रामभक्तों के साथ 21 अगतस्त को डॉ अनिल मिश्र रामकोट की परिक्रमा की तैयारियों में जुटे हैं।उन्होंने बताया कि इस परिक्रमा में कोई भी संत अथवा रामभक्त शामिल हो सकता है।इसके लिए अयोध्या के महंतों को आमंत्रण भेजा गया है। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। डा. अनिल मिश्रा ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। परिक्रमा के दौरान राममंदिर के मुख्य द्वार पर डा. अनिल मिश्रा का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। चढ़ावा चोरी प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जांच के दौरान मंदिर के चढ़ावे की निगरानी और प्रबंध को लेकर उनके नाम का भी उल्लेख सामने आ चुका है। इस बीच उनकी बढ़ी सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *