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गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 61.430 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से 67 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट से फिलहाल जिले में बाढ़ का खतरा टल गया है। 22 अगस्त को गंगा का जलस्तर 62.210 मीटर पहुंच गया था, जो चेतावनी बिंदु से ऊपर था। इसके बाद नदी का पानी लगातार कम हुआ। 26 अगस्त को जलस्तर 61.680 मीटर था, जो 28 अगस्त की सुबह घटकर 61.430 मीटर रह गया। इस तरह 22 अगस्त के मुकाबले अब तक करीब 78 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गंगा का जलस्तर अभी सामान्य स्तर से करीब 1.52 मीटर ऊपर है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की भी निगाह नदी के उतार-चढ़ाव पर बनी हुई है। गंगा का जलस्तर 20 अगस्त को 61.370 मीटर, 21 अगस्त को 61.690 मीटर और 22 अगस्त को बढ़कर 62.210 मीटर पहुंच गया था। इस दौरान नदी चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर को पार कर गई थी। इसके बाद जलस्तर में लगातार गिरावट शुरू हुई। 26 अगस्त को गंगा का जलस्तर 61.680 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। दो दिन बाद इसमें और कमी आई और शुक्रवार सुबह यह 61.430 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान से 1.67 मीटर नीचे गंगा वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से 67 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं गंगा का खतरे का निशान 63.105 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.675 मीटर नीचे रहा। गंगा का उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है। पिछले वर्ष नदी का अधिकतम जलस्तर 64.690 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। 61.43 मीटर के आसपास स्थिर होने के संकेत लगातार गिरावट के बाद गंगा का जलस्तर अब 61.43 मीटर के आसपास पहुंच गया है। नदी का वर्तमान जलस्तर सामान्य स्तर 59.906 मीटर से करीब 1.524 मीटर अधिक है, लेकिन चेतावनी बिंदु से नीचे आने के बाद बाढ़ का तत्काल खतरा कम हुआ है। उतार-चढ़ाव पर प्रशासन की नजर जलस्तर में गिरावट से प्रशासन और तटीय क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। लोगों को भी नदी के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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