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आगामी श्रावण मास के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को धाम स्थित सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयुक्त, वाराणसी मंडल एस. राजलिंगम एवं पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने की। बैठक में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण सहित प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग तथा मंदिर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक रहेगा। इस अवधि में विशेष रूप से श्रावण सोमवारों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस बार धाम में 7 गेट से प्रवेश मिलेगा। पेयजल और चिकित्सकीय कैंप की होगी व्यवस्था बैठक में पेयजल, चिकित्सकीय सुविधा, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, सार्वजनिक उद्घोषणा (पीए) प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी तथा विद्युत सुरक्षा जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सभी विद्युत उपकरणों एवं सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए तथा गलियों में लटक रहे बिजली के तारों को व्यवस्थित कर सुरक्षित बनाया जाए। जिग-जैग रेलिंग पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस वर्ष भी जिग-जैग रेलिंग पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की जाएगी, जिससे भीड़ का दबाव नियंत्रित किया जा सके। कतार में खड़े श्रद्धालुओं को उमस और गर्मी से राहत देने के लिए इंडस्ट्रियल एयर कूलर लगाए जाएंगे। नियमित अंतराल पर शीतल पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज तथा आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध रहेगी। वृद्ध, अशक्त एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा संचालित की जाएगी। साथ ही विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा दल, एंबुलेंस और छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। किसी भी प्रकार का प्रोटोकॉल नहीं होगा मान्य मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे श्रावण मास में किसी भी प्रकार के विशेष या प्रोटोकॉल दर्शन की अनुमति नहीं होगी। सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित कतार के माध्यम से ही दर्शन करना होगा। प्रशासन ने लोगों से किसी भी दलाल या प्रलोभन देने वाले व्यक्ति के झांसे में नहीं आने की अपील की है। यदि कोई विशेष दर्शन के नाम पर धन की मांग करता है या किसी दुकान से प्रसाद खरीदने के बदले शीघ्र दर्शन कराने का दावा करता है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस अथवा मंदिर प्रशासन को देने को कहा गया है। मंदिर के अंदर नहीं जमा होगा मोबाइल श्रद्धालुओं से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे खाली पेट दर्शन के लिए कतार में न लगें, क्योंकि अधिक भीड़ के कारण दर्शन में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन, बड़े बैग, धातु की वस्तुएं, तंबाकू एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर धाम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अत्यधिक भीड़ के कारण निःशुल्क बैगेज काउंटर भी संचालित नहीं किए जाएंगे, इसलिए श्रद्धालु प्रतिबंधित वस्तुएं अपने घर, होटल या धर्मशाला में ही छोड़कर आएं। बाबा विश्वनाथ का भक्त कर पायेंगे लाइव दर्शन श्रावण मास के दौरान 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ने वाले चारों श्रावण सोमवारों पर बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। वहीं 27 अगस्त को पूर्णिमा के अवसर पर झूला श्रृंगार तथा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन सामान्य दर्शन की व्यवस्था रहेगी। जो श्रद्धालु धाम नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए मंदिर न्यास की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल तथा अधिकृत प्रसारण माध्यमों के जरिए भगवान श्री काशी विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।



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