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आगरा में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने सुबह तक नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की पोल खोल दी। यमुनापार के कालिंदी विहार क्षेत्र में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्य के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से नाले का गंदा पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया। सुबह से ही स्थानीय लोग बाल्टियों और मोटरों की मदद से घरों में भरे पानी को बाहर निकालने में जुटे रहे। बारिश के बाद कालिंदी विहार से लेकर टेडी बगिया मार्ग तक कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी बारिश में भीगकर कीचड़ में बदल गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया। कई जगह वाहन चालकों को सावधानी से निकलना पड़ा, जबकि राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण पिछले कई महीनों से क्षेत्रवासी धूल, जाम और खराब सड़क की समस्या झेल रहे हैं। बारिश ने अब स्थिति को और खराब कर दिया है। आम दिनों में इस मार्ग पर भारी और हल्के वाहनों का लगातार आवागमन रहता है, लेकिन कीचड़ और जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर सड़क भी धंस गई है, जिससे हादसों का खतरा और अधिक हो गया है। मंगलवार शाम जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में सीएम ग्रिड योजना की समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य में हो रही देरी पर संबंधित फर्मों के ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, देर रात की बारिश ने निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नाला और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हर बारिश के साथ लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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