जम्मू2 घंटे पहले
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178 फीट की ऊंचाई पर बने चिनाब रेलवे ब्रिज से 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गुजरती हुई वंदे भारत ट्रेन।
भारतीय रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में 1178 फीट की ऊंचाई पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज पर वंदे भारत एक्सप्रेस को 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से सफलतापूर्वक क्रॉस कराया।
इतना ही नहीं, वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारत के पहले केबल-स्टे वाले अंजी ब्रिज को भी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से क्रॉस किया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका वीडियो भी शेयर कर इसे ऐतिहासिक पल बताया।
इस सफल ट्रायल के बाद 111 किलोमीटर लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन पर अधिकतम ट्रेन की स्पीड को 75 किमी/घंटा से बढ़ाकर 100 किमी/घंटा कर दिया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- आज का दिन ऐतिहासिक है। आज बढ़ी हुई स्पीड का सफल परीक्षण किया गया।
वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टे वाले अंजी ब्रिज को 100 किमी/घंटा की रफ्तार से पार करके एक नया रिकॉर्ड बनाया।
इससे यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट पर ट्रेन का संचालन आसान होगा, यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
जम्मू-श्रीनगर के बीच 2 मई से शुरू हुई थी वंदे भारत
जून 2025 में कश्मीर रेल लिंक का काम पूरा होने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू में कटरा और श्रीनगर के बीच चलाई गई थी। अप्रैल 2026 में इसे जम्मू तवी तक बढ़ाया। साथ ही ट्रेन में कोच की संख्या आठ से बढ़ाकर 20 कर दी गई।
रेल मंत्रालय के मुताबिक जम्मू-श्रीनगर के बीच नियमित सेवा 2 मई को शुरू हुई। रेल मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि अब लगभग 81% नेटवर्क को 110 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की स्पीड के लिए अपग्रेड कर दिया गया है। 2014 में यह आंकड़ा करीब 40% था।

चिनाब ब्रिज – दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज
कटरा-बनिहाल सेक्शन 272 किलोमीटर लंबे USBRL का हिस्सा है। यह पूरा लिंक जून 2025 में चालू हुआ था। चिनाब रेल ब्रिज नदी के तल से 359 मीटर ऊपर बना है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर है।
दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज ‘चिनाब ब्रिज’ को भूकंप, बाढ़, बर्फबारी और विस्फोटकों से बचाने के लिए खास तरीके से तैयार किया गया है।
ब्रिज का इलाका भूकंप के जोन चार में आता है, लेकिन इसे भूकंप क्षेत्र पांच के लिए डिजाइन किया गया है। यानी यह भूकंप के लिहाज से काफी सुरक्षित है और रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाले भूकंप को भी आसानी से झेल लेगा। इस ब्रिज को अगले 120 साल के लिए बनाया गया है।

अंजी रेलवे ब्रिज से 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गुजरती हुई वंदे भारत ट्रेन।
अंजी ब्रिज- भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज
इसी तरह अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज है। अंजी नदी घाटी पर बना यह पुल कटरा और बनिहाल के बीच स्थित है। इस रूट पर देश की सबसे लंबी ऑपरेशनल ट्रांसपोर्टेशन टनल भी स्थित है जो 12.77 किमी लंबी है।
इस पुल की कुल लंबाई 725.5 मीटर है। इसमें से 472.25 मीटर का हिस्सा केबल्स पर टिका हुआ है। इस ब्रिज को 4 हिस्सों में बांटकर बनाया गया है। इस पुल के बीच में बने टावर की नदी के तल से ऊंचाई 331 मीटर है।
ब्रिज का बीच का हिस्सा 290 मीटर का है, जिसमें से 52.5 मीटर का काम बचा हुआ है। इसके 47 में से 41 हिस्से पूरे हो चुके हैं, वहीं 6 हिस्से बाकी हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि है मई तक इसका काम पूरा हो जाएगा।

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