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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। नागरिक राष्ट्र के लिए सदैव जागरूक रहें।
यह संबोधन शाम 7 बजे आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किया जा रहा है। दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और उसके बाद अंग्रेजी में दिखाया जाएगा।
दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद, दूरदर्शन के रीजनल चैनल क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण किया जाएगा। आकाशवाणी रीजनल नेटवर्क पर रात 9:30 बजे क्षेत्रीय भाषाओं में इसे टेलीकास्ट करेंगे।

राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं- हमारा संविधान जनभागीदारी पर आधारित है
राष्ट्रपति ने कहा- आज का दिन हम विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनाते हैं। सांप्रदायिक हिंसा की वजह से लाखों को शरणार्थी बनना पड़ा। फिर भी उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी। हमारा संविधान जनभागीदारी पर आधारित है। उस भावना को हमारे देशवासी आगे बढ़ा रहे हैं यह हमारी लोकतंत्र की उपलब्धि है।
अब से कुछ ही घंटों बाद, हमारे देश की स्वाधीनता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होगा। देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीय यह पर्व उल्लास के साथ मनाते हैं। हमारा तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक है। इसे हम पूरी शान से फहराते हैं।
मुर्मू बोलीं- देशवासी स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने
द्रौपदी मुर्मू ने कहा- 15 अगस्त 1947 के दिन भारतमाता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं। सभी देशवासी, स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने। निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए तत्पर वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती श्रमिक और अन्नदाता किसान, अपने प्रयासों से राष्ट्र-निर्माण कर रहे हैं।
अन्य क्षेत्रों में सक्रिय, असंख्य देशवासी, तथा संविधान में निहित, मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी नागरिक, राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मैं उन सभी की हृदय से सराहना करती हूं।
एट होम रिसेप्शन में आएंगे 650 गेस्ट, 100 VVIP
राष्ट्रपति भवन में होने वाले एट होम रिसेप्शन का आयोजन अमृत उद्यान परिसर में होगा। शाम 6 बजे से होने वाले इवेंट में करीब 650 मेहमानों को बुलाया गया है। इसमें से 100 VVIP गेस्ट होंगे।
- इस बार खास क्या है: इस साल के आयोजन में चार राज्यों महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को प्रमुखता दी गई है। थीम में संस्कृति, समुदाय और प्रकृति के बीच संबंध और पर्यावरण संरक्षण पर जोर है।
- मेहमानों के स्वागत की खास व्यवस्था: रिसेप्शन के मेहमानों को हाथ से बुना महेश्वरी स्टोल पहनाकर स्वागत किया जाएगा। इसे मध्य प्रदेश के महेश्वर में तैयार किया गया है और इसमें चारों राज्यों की पारंपरिक बुनाई के मोटिफ शामिल हैं।
- खाने में क्या होगा: यह भी इस साल की थीम के अनुरूप क्षेत्रीय व्यंजनों पर आधारित है। रिपोर्ट्स के अनुसार मेन्यू कोंकण का पाटोलेओ, छत्तीसगढ़ का मिनी फरा, महाराष्ट्र का खामंग काकड़ी और मध्य प्रदेश से जबलपुर की गटपट को शामिल किया गया है।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: रिसेप्शन में चारों राज्यों की लोक एवं पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। इनमें गेड़ी नृत्य, गौर माड़िया, लावणी, तुतारी, सोंगी मुखौटे, भगोरिया, बैगा करमा, समई और घोड़े मोड़नी जैसी प्रस्तुतियां शामिल की जा रही हैं।
