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नई दिल्ली10 मिनट पहले

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दिल्ली के मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में NTA को 55,000 वर्ग फुट से अधिक जगह दी गई है। - Dainik Bhaskar

दिल्ली के मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में NTA को 55,000 वर्ग फुट से अधिक जगह दी गई है।

NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में हुई प्रशासनिक लापरवाही को लेकर विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी गतिविधियों को नए कार्यालय में स्थानांतरित किया है।

अब इस परिसर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) करेगा। खासतौर पर कार्यालय के गोपनीय और संवेदनशील क्षेत्रों में आने-जाने और कामकाज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में NTA को 55,000 वर्ग फुट से अधिक जगह दी गई है। इमारत की पांचवीं मंजिल और चौथी व छठी मंजिल के कुछ हिस्से NTA को मिले हैं। पिछले एक महीने में NTA के गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को नए भवन में ट्रांसफर किया गया है।

जवान सुरक्षा के साथ-साथ प्रवेश नियंत्रण और स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

जवान सुरक्षा के साथ-साथ प्रवेश नियंत्रण और स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

39 CISF जवानों की तैनाती

गृह मंत्रालय ने NTA परिसर के लिए CISF सुरक्षा को मंजूरी दी है। फिलहाल 39 CISF जवानों को तैनात किया गया है। ये जवान सुरक्षा के साथ-साथ प्रवेश नियंत्रण और स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रवेश और निकास पर तलाशी के लिए एक्स-रे बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) का इस्तेमाल किया जाएगा।

NTA के गोपनीय क्षेत्रों में प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर CISF की तैनाती की जाएगी।

NTA में CISO की नियुक्ति

सूचना सुरक्षा मजबूत करने के लिए NTA ने चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) के लिए पद निर्धारित किया है। जनरल मैनेजर और CISO पद के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है और चयन अंतिम चरण में बताया गया है।

इसके अलावा CERT-In और C-DAC से मान्यता प्राप्त एजेंसियों के जरिए स्वतंत्र थर्ड-पार्टी साइबर सुरक्षा ऑडिट भी जारी हैं।

NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून 2026 से आंदोलन शुरू हुआ था।

NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून 2026 से आंदोलन शुरू हुआ था।

NEET पेपर लीक में सामने आई थी बड़ी सुरक्षा चूक

CBI की चार्जशीट के मुताबिक, पेपर लीक मामले में तीन विषय विशेषज्ञों को पेपर लीक का प्रमुख सोर्स बताया गया था। जांच में सामने आया कि NTA के सीक्रेट सेक्शन में विशेषज्ञों के प्रवेश और बाहर निकलने के दौरान चेकिंग या फ्रिस्किंग की व्यवस्था नहीं थी।

आरोप है कि विशेषज्ञों ने रफ वर्क और अनुवाद के लिए दिए गए कागजों से छोटे टुकड़ों पर प्रश्नपत्र के अंश लिखकर बाहर ले गए।

CBI ने यह भी बताया कि NTA कार्यालय में गोपनीय सेक्शन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए CCTV की लाइव फीड की निगरानी के लिए अलग कंट्रोल रूम नहीं था।

अब CCTV और साइबर सुरक्षा पर भी जोर

नए कार्यालय में गोपनीय क्षेत्रों को अलग से चिन्हित किया गया है। यहां गतिविधियों और लोगों की आवाजाही की सख्त निगरानी की जाएगी। परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम में सख्त एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन, सुरक्षित लॉगिंग और छेड़छाड़ का पता लगाने वाली स्टोरेज व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

हर परीक्षा से पहले सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। इसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस मैचिंग, CCTV और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम की तकनीकी सुरक्षा भी शामिल होगी।

NTA परीक्षा के दिनों के लिए अलग साइबर-इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम भी तैयार कर रहा है। इसके तहत सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) की निगरानी बढ़ाई जाएगी और किसी साइबर घटना पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था होगी।

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