1 घंटे पहले
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महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्मूला मिल्क और अन्य बेबी फूड को लेकर नए सख्त नियम जारी किए हैं। इनमें पैकेट पर ‘बच्चे के लिए मां का दूख अच्छा आहार’ लिखना अनिवार्य किया गया है।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक फॉर्मूला मिल्क और शिशु आहार के विज्ञापन, फ्री सैंपल, गिफ्ट, कूपन, कैशबैक, इन्फ्लुएंसर प्रमोशन और सोशल मीडिया प्रमोशन पर रोक रहेगी। ये नियम मैन्युफैक्चरर से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक लागू होंगे।
इसके अलावा पैकेट पर बच्चे या मां की तस्वीर नहीं लगाई जाएगी। नियम तोड़ने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

बेबी फूड में इन चीजों पर भी रोक
बेबी फूड में प्रिजर्वेटिव, अतिरिक्त रंग और फ्लेवरिंग पदार्थ प्रतिबंधित होंगे। अतिरिक्त सुक्रोज केवल जरूरत होने पर और कुल कार्बोहाइड्रेट के 20% तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। गलत तरीके से ‘नो एडड सुगर’ दावा करने पर भी रोक होगी।
अस्पताल और बाल रोग विशेषज्ञों को फॉर्मूला मिल्क लेने वाले बच्चों में संदिग्ध प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी देनी होगी। मैन्युफैक्चरर को गंभीर घटनाओं की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर करनी होगी।
निर्माताओं, आयातकों और ब्रांड मालिकों को हर बैच की ट्रेसबिलिटी, शिकायत और घटना की व्यवस्था तथा जरूरत पड़ने पर उत्पाद वापस लेने की क्षमता बनाए रखना होगी।

फॉर्मूला मिल्क क्या होता है, कितना सही; इससे जुड़े 3 सवाल-जवाब…
फॉर्मूला मिल्क क्या होता है?
फॉर्मूला मिल्क शिशुओं के लिए बनाया गया दूध का विकल्प है। इसे आमतौर पर पाउडर के रूप में पानी में मिलाकर दिया जाता है। इसमें बच्चे की पोषण जरूरतों के हिसाब से प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल आदि शामिल किए जाते हैं।
क्या यह फायदेमंद है?
WHO के अनुसार, स्वस्थ शिशुओं के लिए पहले 6 महीने केवल मां का दूध देने की सलाह है। 6 महीने के बाद पूरक आहार शुरू करते हुए स्तनपान जारी रखने की सिफारिश है।
हालांकि, कुछ परिस्थितियों में जब स्तनपान संभव नहीं होता या डॉक्टर किसी विशेष फॉर्मूला की सलाह देते हैं, तब फॉर्मूला मिल्क उपयोगी विकल्प हो सकता है। ऐसे मामलों में बच्चे की जरूरत के अनुसार बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।
भारत में कितनी बड़ा मार्केट है?
भारत में फॉर्मूला मिल्क का सालाना बाजार करीब ₹27 हजार करोड़ का है। कई कंपनियां और ब्रांड हैं। प्रमुख कंपनियों में Nestlé, Abbott, Danone/Nutricia, Mead Johnson और FrieslandCampina शामिल हैं।
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