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नई दिल्ली29 मिनट पहलेलेखक: ​​​​​​​​​​​​​​अनिरुद्ध शर्मा

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देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा सीजन रहा। पिछले 11 सालों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा है। हालांकि, सीजन खत्म होने से पहले हुई तेज बारिश के कारण बारिश की कमी में 2.5% का सुधार हुआ।

मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6% कम बारिश के साथ खत्म हुआ। देश के 43% जिलों में 20 से 72% तक कम बारिश हुई। सबसे ज्यादा पंजाब में 41% कम बारिश हुई। वहीं राजस्थान में करीब 22% कमी दर्ज की गई। इनके अलावा 9 राज्यों में भी औसत से कम बारिश हुई।

पूर्वी भारत में ओडिशा में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश हुई, जबकि बारिश के लिए प्रसिद्ध पूर्वोत्तर राज्यों में इस साल 1901 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई।

10 अक्टूबर तक देशभर से मानसून की विदाई संभव

मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो चुकी थी। अगले दो दिनों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से मानसून लौटने लगेगा। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी इसकी वापसी होगी।

हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो जाएगा। 15 अक्टूबर के बाद दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तर-पूर्व मानसून दस्तक दे सकता है।

आखिरी हफ्ते की बारिश से 2.5% कमी पूरी हुई

मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में सामान्य से 50% ज्यादा बारिश हुई। एक हफ्ते पहले मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम थी, लेकिन सीजन खत्म होते समय यह कमी घटकर 12.6% रह गई।

मानसून के 122 दिनों में से 77 दिन कोई न कोई मौसमी सिस्टम बना रहा। इससे बारिश होती रही और सीजन के अंत में कमी 12.6% पर सीमित रही। अल नीनो के कारण सीजन शुरू होने से पहले सूखे की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर स्थिति उतनी खराब नहीं रही।

282 जिलों में कम बारिश

देश के 38% हिस्से यानी 282 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। अत्यधिक बारिश के लिए प्रसिद्ध मेघालय में भी सामान्य से 60% कम बारिश दर्ज की गई।

24 सितंबर तक देश के 150 प्रमुख जलाशयों में 130 अरब घन मीटर (BCM) पानी उपलब्ध था। इनकी कुल भंडारण क्षमता 182.4 BCM है। यानी जलाशय अपनी क्षमता के करीब 71% तक भरे हैं। हालांकि, पानी का भंडार पिछले साल की तुलना में कम है।

अल नीनो के असर की कुछ भरपाई संभव

ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) इंडेक्स 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में मजबूत हो रहे अल नीनो के प्रतिकूल असर की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है। हालांकि, अल नीनो अभी भी मानसून के लिए प्रमुख जोखिम बना हुआ है।

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मध्य प्रदेश से इसी हफ्ते मानसून की विदाई शुरू होगी। यह सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से लौटेगा। फिर इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर से वापसी होगी। इससे पहले 3 दिन बूंदाबांदी का दौर चलेगा। पूरी खबर पढ़ें…

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