जोधपुर एयरबेस से भारत के सुखोई और फ्रांस के राफेल ने एक साथ उड़ान भरी।
जोधपुर में 8 देशों की तरंगशक्ति एक्सरसाइज में दुनिया के सबसे खतरनाक 60 से 80 फाइटर जेट्स एक साथ उड़ान भरेंगे। भारत में मौजूद फ्रांस एंबेसी ने इसकी जानकारी दी।
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मंगलवार को एक्सरसाइज के चौथे दिन सुखोई ने राफेल फाइटर को लीड किया।
फ्रांस के एयरबस A-400M और एयरबस A-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) ने भी एक्सरसाइज में हिस्सा लिया। वहीं 40 हजार फीट की ऊंचाई पर A-400 ने और फाइटर जेट राफेल में फ्यूल भरने की प्रैक्टिस की।
12 अक्टूबर तक चलने वाले वायुसेना के इस युद्धाभ्यास में अमेरिका के एफ-35 जेट और भारत के तेजस फाइटर जेट के अलावा ट्रांसपोर्ट विमान भी शामिल हैं।
तरंग शक्ति- 2026 युद्धाभ्यास की फोटो

जोधपुर एयरबेस से उड़ान के दौरान सबसे आगे भारत का सुखोई विमान उसके पीछे फ्रांस का राफेल फाइटर जेट।

फ्रांस का राफेल और बैकग्राउंड में जोधपुर का उम्मेद पैलेस।

हवा में ईंधन भरने की प्रैक्टिस करते हुए फाइटर जेट A-400 और राफेल।

जोधपुर एयरबेस से फ्रांस के एयरबस A-400 ने भरी उड़ान।

तरंग शक्ति अभ्यास में फ्रांस के A-400 ट्रांसपोर्टर विमान ने उड़ान भरी।

युद्धाभ्यास के दौरान आसमान में शक्ति प्रदर्शन करते हुए फ्रांस के A-400M और राफेल विमान।
28 देशों के प्रतिनिधिमंंडल ने किया भारतीय डिफेंस कंपनियों का दौरा
युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 में भाग लेने वाले देशों के पर्यवेक्षकों ने बेंगलुरु में भारत की दिग्गज डिफेंस कंपनियों का दौरा किया और मेक इन इंडिया की ताकत को करीब से जाना। इसमें भारत के मित्र देशों के 28 से ज्यादा पर्यवेक्षक शामिल हुए। इनमें इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव समेत अन्य देश शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंंडल के दौरों की फोटो

तंरग शक्ति अभ्यास में हिस्सा ले रहे 28 मित्र देशों की वायुसेनाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की LCA तेजस डिवीजन का दौरा किया।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की LCA तेजस डिवीजन में भारत के मित्र देशों से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।

मेक इन इंडिया की ताकत से रूबरू हुए 28 देशों से आए प्रतिनिधिमंडल।
प्रमुख रक्षा संस्थानों में पहुंची विदेशी टीम
प्रतिनिधिमंडल ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस, रक्षा और उन्नत तकनीकी क्षमताओं को करीब से समझा।
क्यों अहम है यह दौरा
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस औद्योगिक दौरे का मकसद सिर्फ युद्धाभ्यास तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि मित्र राष्ट्रों के सामने भारतीय हथियारों और रक्षा उपकरणों की क्षमता साबित करना है। इससे आने वाले दिनों में भारतीय रक्षा उत्पादों के निर्यात (एक्सपोर्ट) और विदेशी सहयोग को नई रफ्तार मिलेगी।

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जोधपुर में चल रहे ‘तरंग शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास में भारत के स्वदेशी विमान तेजस और दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट F-35ए ने एक साथ उड़ान भरी। भारत में दोनों विमानों की एक साथ यह पहली उड़ान है। (पूरी खबर पढ़ें)