दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर2 मिनट पहले
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कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के तहत रावतपुर से डबल पुलिया के बीच बनने वाले अंडरग्राउंड सेक्शन का काम अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। करीब 4.10 किलोमीटर लंबे इस अंडरग्राउंड रूट पर सिविल कंस्ट्रक्शन (टर्मिनल और टनल बनाने) के बाद अब सिस्टम इंस्टॉलेशन यानी तकनीकी प्रणालियों को लगाने का काम शुरू हो गया है।
सोमवार को 5 बजे यूपीएमआरसी (UPMRC) की सिग्नलिंग और टेलीकॉम टीम की मौजूदगी में रावतपुर अंडरग्राउंड स्टेशन के टेक्निकल रूम से सिग्नलिंग सिस्टम लगाने के काम की शुरुआत की गई। इस रूट पर कुल तीन स्टेशन रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया आने वाले हैं।

इसी साल मार्च में पूरी हुई थी टनल की खुदाई
आपको बता दें,कि इस अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए सुरंग (टनल) बनाने का काम इसी साल मार्च में ही पूरा कर लिया गया था। टनल तैयार होने के बाद अब इन तीनों स्टेशनों पर तकनीकी कमरों को फिनिशिंग देने के साथ-साथ ट्रैक बिछाने, थर्ड रेल (बिजली की पटरी) और इलेक्ट्रिकल सिस्टम लगाने का काम दिन-रात चल रहा है। इसी कड़ी में अब ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए सबसे जरूरी ‘सिग्नलिंग सिस्टम’ पर काम शुरू कर दिया गया है।
रावतपुर में सबसे ज्यादा 10 सिग्नल, जानें बत्तियों का मतलब
इस पूरे अंडरग्राउंड रूट पर कुल 14 सिग्नल लगाए जाएंगे। इनमें से अकेले रावतपुर स्टेशन पर 10 सिग्नल लगेंगे, जबकि काकादेव और डबल पुलिया स्टेशनों पर 2-2 सिग्नल इंस्टॉल किए जाएंगे।
मेट्रो के इन सिग्नलों में आम ट्रैफिक लाइट से अलग तीन रंग होंगे लाल, बैंगनी और हरा। लाल रंग ट्रेन को तुरंत रोकने के लिए होता है। बैंगनी रंग सबसे खास है, इसका मतलब होता है कि आगे का ट्रैक पूरी तरह साफ तो नहीं है, लेकिन मेट्रो एक तय स्पीड लिमिट (गति सीमा) के अंदर सुरक्षित आगे बढ़ सकती है। वहीं हरा रंग मिलने का मतलब है कि आगे का पूरा ट्रैक एकदम क्लियर है और मेट्रो अपनी फुल स्पीड में दौड़ सकती है।

पटरियां बदलने के लिए लगेंगी 4 पॉइंट मशीनें मेट्रो को बिना किसी दुर्घटना के एक लाइन से दूसरी लाइन पर ऑटोमैटिक तरीके से मोड़ने के लिए इस सेक्शन में 4 पॉइंट मशीनें लगाई जाएंगी। ये चारों मशीनें रावतपुर स्टेशन पर ही लगेंगी। इसके अलावा, ट्रैक पर ट्रेन कहाँ मौजूद है, इसकी सटीक लोकेशन जानने के लिए पूरे रूट पर 44 एक्सल काउंटर लगाए जा रहे हैं। साथ ही इमरजेंसी के लिए 9 इमरजेंसी स्टॉप लेंजर (ESP) और 3 इमरजेंसी की ट्रांसमीटर (EKT) भी लगाए जाएंगे।
तय समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 के इस अंडरग्राउंड हिस्से में काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिग्नलिंग के साथ-साथ ट्रैक बनाने का काम भी प्रगति पर है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि मेट्रो की पूरी टीम और काम कर रही एजेंसियां पूरे तालमेल और समर्पण के साथ जुटी हैं, ताकि तय समय सीमा के भीतर इस रूट पर भी कानपुर वाले मेट्रो का सफर तय कर सकें।
