विश्व जूनोसिस दिवस पर सोमवार को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में चिकित्सकों ने पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले जूनोटिक रोगों के बढ़ते खतरे और
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डॉ. योगिता सिंह ने कहा कि जूनोटिक रोग बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवियों के कारण फैलते हैं तथा संक्रमित पशुओं के संपर्क, दूषित भोजन-पानी और मच्छर-टिक जैसे कीटों के माध्यम से मनुष्यों तक पहुंच सकते हैं।

विश्व जूनोसिस दिवस पर मेडिकल कॉलेज में जागरूकता संगोष्ठी आयोजित
नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में सामने आए नए संक्रामक रोगों में बड़ी संख्या जूनोटिक मूल की रही है, इसलिए ‘वन हेल्थ’ (One Health) दृष्टिकोण अपनाना समय की जरूरत है।
संगोष्ठी में प्रो. डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. डॉ. संध्या गौतम और एसोसिएट प्रो. डॉ. मनोज कुमार सिंह सहित मेडिसिन विभाग के चिकित्सक व जूनियर रेजिडेंट्स मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने रेबीज़, लेप्टोस्पायरोसिस, ब्रुसेलोसिस, एंथ्रैक्स, एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू), निपाह वायरस और स्क्रब टाइफस जैसे प्रमुख जूनोटिक रोगों की जानकारी दी। साथ ही लोगों से स्वच्छता अपनाने, पालतू पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।