![]()
बलरामपुर के गैसड़ी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 में 23/24 अगस्त की रात तेंदुए ने पशुओं के बाड़े में घुसकर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में कन्हैयालाल पाल और विजय पाल की कुल 88 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य पशु घायल हो गए। सुबह घटना की जानकारी होने पर इलाके में दहशत फैल गई। इतनी बड़ी संख्या में पशुओं के मारे जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बाड़े में मृत और घायल पशुओं को देखकर पशुपालकों को गहरा सदमा लगा। दोनों परिवारों के लिए भेड़ पालन ही आजीविका का प्रमुख साधन था। एक ही रात में इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रात के अंधेरे में अचानक किया हमला ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ आसपास के क्षेत्र से होते हुए पशुओं के बाड़े तक पहुंचा। रात के अंधेरे में उसने अचानक भेड़ों और अन्य पशुओं पर हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पशुपालकों को अपने पशुओं को बचाने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। हमले के बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद आसपास के गांवों में भी भय का माहौल है। ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं। वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची घटना की जानकारी मिलते ही रामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी, कोतवाली गैसड़ी पुलिस और क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तेंदुए के संभावित आने-जाने वाले रास्तों की जानकारी जुटाई। घायल पशुओं का किया गया उपचार क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी ने मौके पर घायल पशुओं का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल पशुओं के आगे के उपचार की व्यवस्था का भी आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों ने मृत पशुओं की संख्या और नुकसान का सत्यापन शुरू कर दिया है। सत्यापन के बाद वास्तविक क्षति का आधिकारिक आकलन किया जाएगा। मुआवजे की मांग, आजीविका पर पड़ा बड़ा असर कन्हैयालाल पाल और विजय पाल के लिए भेड़ पालन आय का प्रमुख साधन था। एक ही रात में 88 भेड़ों की मौत से दोनों पशुपालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ितों ने राज्य सरकार और वन विभाग से तत्काल आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
Source link