Sorting by

×




प्रयागराज में पुत्रदा एकादशी के अवसर पर रविवार शाम को दशाश्वमेध घाट पर बटुक ब्राह्मणों ने कलश यात्रा निकाली। अलोपीबाग स्थित जगद्गुरु श्री शंकराचार्य आश्रम के 51 बटुक ब्राह्मणों ने दशाश्वमेध घाट से गंगाजल कलशों में भरकर अलोपी देवी मंदिर में स्थित मैदानीश्वर महादेव का महारुद्राभिषेक करने का संकल्प किया। सभी ब्राह्मणों ने विधि-विधान से षोडशोपचार पूजन पूरा कर दशाश्वमेध घाट से पैदल मंदिर की ओर प्रस्थान किया। आचार्य अंकित तिवारी ने बताया कि यह यात्रा राष्ट्र की एकता, जनकल्याण और समाज में सांस्कृतिक समृद्धि के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा हमने 51 कलशों में मां गंगा का जल भरकर महादेव को अर्पित करने का संकल्प लिया है। यह श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी के मौके पर विशेष फलदायी माना जाता है। वहीं विश्वदेवानंद सरस्वती ने कहा कि गुरुदेव की अनुमति व आशीर्वाद से राष्ट्र-कल्याण तथा जन-कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है। वर्षों से यह परंपरा निरंतर चल रही है। पूजन-कार्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरा षोडशोपचार होगा और कलशों से ही विधिवत जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने शांति और समृद्धि की मंगलकामनाएं करते हुए सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्। का जाप भी किया। उन्होंने कहा इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान पारंपरिक ज्ञान व संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं। सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। धार्मिक परंपरा में 51 की संख्या को विशेष महत्व दिया जाता है और इसे कुलदेवता-संख्या व समष्टि कल्याण से जोड़ा जाता है। इसलिए 51 कलशों से किए गए अभिषेक को विशेष आध्यात्मिक प्रभाव माना जाता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *