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जातिगत जनगणना के फॉर्म में OBC का अलग कॉलम नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी प्रभारी एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि फॉर्म में SC/ST का कॉलम है, लेकिन OBC के लिए अलग कॉलम नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार पिछड़े वर्ग को सामाजिक, आर्थिक, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी नहीं देना चाहती। गौतम ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना कराने का आश्वासन दिया था। कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार दोबारा नोटिफिकेशन जारी करे और OBC की सभी जातियों को शामिल करने के लिए अलग ड्रॉप-डाउन कॉलम बनाया जाए। तेलंगाना मॉडल लागू करने की मांग कांग्रेस नेता ने कहा कि एक ही जाति में कई टाइटल और उपनाम इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में तेलंगाना की जाति जनगणना के मॉडल की तरह हर जाति को एक विशेष नंबर दिया जाना चाहिए। एक जाति के अलग-अलग टाइटल को उसी नंबर के तहत दर्ज किया जाए और दूसरी जाति के लिए अलग नंबर तय हो। इससे जातियों की वास्तविक संख्या और आबादी का सही आंकड़ा सामने आएगा। गौतम ने दावा किया कि OBC आबादी 52% से ज्यादा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पिछड़े वर्ग की जातियों ने जेन-जी की तरह आंदोलन शुरू कर दिया तो सरकार संभाल नहीं पाएगी और उखड़ जाएगी। ‘वैज्ञानिक जाति जनगणना नहीं चाहती भाजपा’ पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार और RSS देश में मनुवादी व्यवस्था को दोबारा स्थापित करना चाहते हैं। इसी वजह से वैज्ञानिक तरीके से जाति जनगणना नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि OBC का कॉलम नहीं होने पर पिछड़ी जातियों की सही गणना संभव नहीं होगी। सिर्फ टाइटल के आधार पर गणना करने पर जातियों की संख्या लाखों में पहुंच सकती है और ऐसा आंकड़ा नीति बनाने में उपयोगी नहीं रहेगा। इससे OBC समाज को उसकी सामाजिक, आर्थिक, रोजगार और राजनीतिक हिस्सेदारी तय करने में परेशानी होगी। जयहिंद ने कहा कि राहुल गांधी चाहते हैं कि जातिगत जनगणना SEEEP मॉडल यानी Social, Economic, Education, Employment and Political आधार पर हो। उन्होंने कहा कि तेलंगाना मॉडल के जरिए जनगणना के बाद सामने आने वाले आंकड़ों के आधार पर शोषित वर्गों के विकास और उनकी हिस्सेदारी की नीति बनाई जा सकती है। अनुप्रिया, संजय निषाद और राजभर पर भी निशाना जयहिंद ने भाजपा के साथ रहने वाले पिछड़े वर्ग के नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अनुप्रिया पटेल, डॉ. संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर जैसे नेताओं को अपने समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े वर्ग के साथ हो रहे अन्याय पर चुप रहने वाले नेताओं को जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने जातिगत जनगणना के फॉर्म में OBC कॉलम नहीं होने और केंद्र व राज्य की सूची के अनुसार जातियों की गणना नहीं कराने की कथित मंशा को पिछड़े वर्ग के अधिकारों पर बड़ा हमला बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में AICC के नवनियुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं सहप्रभारी यूपी जगदीश चंद्र जांगीड़, मीडिया चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डॉ. सीपी राय, पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन मनोज यादव, प्रवक्ता डॉ. उमाशंकर पांडेय, प्रियंका गुप्ता, सचिन रावत और डॉ. राजकुमार मौर्य मौजूद रहे।
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