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उन्नाव बार एसोसिएशन की वार्षिक कार्यकारिणी वर्ष 2026-27 के चुनाव में 10 पदों के लिए 43 उम्मीदवार मैदान में थे। अध्यक्ष और महामंत्री पद पर छह-छह प्रत्याशियों ने दावेदारी की थी। मंगलवार को मतदान के बाद बुधवार को मतगणना हुई, जिसमें अध्यक्ष पद पर रतींद्र सिंह विजयी घोषित किए गए, जबकि महामंत्री पद पर बराबर मत आने से देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही। बुधवार दोपहर करीब एक बजे मतपत्रों की गिनती शुरू हुई। पहली पाली में अध्यक्ष पद के मतों की गणना की गई। अध्यक्ष पद पर रतींद्र सिंह और राम किशोर पाल के बीच कड़ा मुकाबला रहा। लगभग 15 राउंड की मतगणना के बाद चुनाव अधिकारी ने रतींद्र सिंह को विजेता घोषित किया। उनके समर्थकों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई दी।
इसके बाद कोषाध्यक्ष पद के मतों की गिनती हुई, जिसमें शशि प्रभा ने ज्योति तिवारी को हराया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर महजबी बेगम ने ज्योत्सना गोयल को पराजित किया। कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर मनीष मिश्रा ने आकाश कश्यप को हराकर जीत दर्ज की।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष के एक अन्य पद पर पंकज कुमार श्रीवास्तव ने प्रदीप कुमार शुक्ला को शिकस्त दी। संयुक्त मंत्री प्रशासन पद पर अंकित तिवारी, पुस्तकालय पद पर सोनिया गुप्ता और संयुक्त मंत्री प्रकाशन पद पर आलोक वर्मा विजयी रहे। कनिष्ठ सदस्य के चार पदों पर अरुण कुमार, मो. वली अहमद, राजेश कुमार निषाद और सुरेंद्र कुमार निर्वाचित हुए। बुधवार रात करीब नौ बजे महामंत्री पद की मतगणना के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब दो प्रत्याशियों के बीच मतों की संख्या बराबर आ गई। बराबर मत आने की जानकारी के बाद समर्थकों में आक्रोश फैल गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और चुनाव अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
महामंत्री पद के परिणाम को लेकर दोनों पक्षों के समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे थे। हंगामे के बीच रिकाउंटिंग की मांग उठी। काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुनर्मतगणना को लेकर मामला शांत कराया गया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
महामंत्री पद पर बराबरी के मत आने से चुनाव परिणाम को लेकर देर रात तक अधिवक्ताओं में उत्सुकता बनी रही। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने उनका स्वागत किया। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी बार और अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी ढंग से काम करेगी। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा।
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