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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष ‘कृष्ण लीला’ टूर पैकेज शुरू किया है। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत तैयार इस पैकेज में श्रद्धालुओं को तीन दिन और दो रात में ब्रज के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा की शुरुआत लखनऊ से सुबह आठ बजे होगी। दो श्रेणियों में उपलब्ध होगा पैकेज परिवारों और छोटे समूहों को ध्यान में रखते हुए यात्रा के लिए वातानुकूलित सेडान और क्रिस्टा वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सेडान पैकेज की कीमत 10,400 रुपये प्रति व्यक्ति, जबकि क्रिस्टा पैकेज की कीमत 10,150 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है। दोनों पैकेज के लिए कम से कम दो यात्रियों का होना अनिवार्य है। पैकेज में आवास, नाश्ता, जलपान, हाई-टी, प्रशिक्षित गाइड और स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है। हालांकि, दोपहर और रात के भोजन का खर्च यात्रियों को स्वयं उठाना होगा। पहले दिन वृंदावन के मंदिरों के दर्शन यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर, रंगजी मंदिर, निधिवन, वैष्णो देवी मंदिर, अक्षय पात्र मंदिर और प्रेम मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। दूसरे दिन मथुरा और गोकुल की यात्रा दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट, भूतेश्वर महादेव मंदिर, गोवर्धन धाम, संग्रहालय, गीता मंदिर, पोतरा कुंड और गोकुल गांव समेत प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। बरसाना में राधारानी मंदिर के दर्शन तीसरे दिन यात्रा बरसाना के राधारानी मंदिर से शुरू होगी। इसके बाद इस्कॉन मंदिर और श्री राधा दामोदर मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु लखनऊ के लिए रवाना होंगे। बढ़ते पर्यटक आगमन से बढ़ा ब्रज का आकर्षण पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘कृष्ण लीला’ पैकेज के जरिए प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में मथुरा में 10.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। वहीं 2026 के पहले तीन महीनों में करीब 1.90 करोड़ पर्यटकों के आगमन से ब्रज क्षेत्र की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यूपीएसटीडीसी अध्यक्ष अमृत अभिजात ने बताया कि पैकेज को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आध्यात्मिक अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे ब्रज के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक ही यात्रा में देखने का अवसर मिलेगा और कृष्ण ब्रज सर्किट को भी नई पहचान मिलेगी।



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