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पीलीभीत में धन्वन्तरि अस्पताल में हाथ के ऑपरेशन के दौरान पूनम अवस्थी की मौत का मामला सोमवार को हिंसक हो गया। कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों की जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. बीसी पंत से वार्ता विफल रही। वार्ता के दौरान सीएमओ के बयान से नाराज परिजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। CMO बोले- अस्पताल सील नहीं करेंगे, इसी बात पर भड़के लोग सोमवार को मृतका के बेटे अमन अवस्थी, अनुराग अवस्थी और दामाद मुनीश दर्जनों लोगों के साथ डीएम दफ्तर पहुंचे थे। प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के दौरान सीएमओ डॉ. बीसी पंत ने स्पष्ट किया कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक अस्पताल को सील नहीं किया जाएगा। सीएमओ के इस बयान से पीड़ित परिवार का धैर्य टूट गया और वे उग्र हो गए। वार्ता विफल होते ही परिजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में खुद पर डीजल डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की। यह देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। मृतका के बेटों अमन, अनुराग और दामाद मुनीश की पुलिस से तीखी झड़प और हाथापाई हुई। काफी मशक्कत और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने परिजनों के हाथ से डीजल की केन छीनकर एक बड़े हादसे को टाल दिया। इस घटना से आक्रोशित परिजन अब कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग आरोपी डॉक्टरों को बचाने का प्रयास कर रहा है। पीड़ित परिवार ने घोषणा की है कि जब तक आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं होती और अस्पताल को सील नहीं किया जाता, वे कलेक्ट्रेट परिसर से नहीं हटेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्ट्रेट में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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