![]()
मेरठ बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभागार स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार ने की, जबकि संयुक्त मंत्री-प्रशासन ध्रुव झा ने संचालन किया। इस बैठक में कांवड़ यात्रा के कारण उत्पन्न हुई समस्याओं और अदालती कार्यवाही पर उनके प्रभाव पर विचार-विमर्श किया गया। एसोसिएशन ने बताया कि शिवरात्रि पर्व के लिए हरिद्वार से जल लेकर आ रहे लाखों कांवड़ियों के मेरठ से गुजरने के कारण शहर के मुख्य और लिंक रोड पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। प्रशासन ने इन मार्गों को बल्ली-पोल लगाकर बंद कर दिया है, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया है। सड़कें बाधित होने के कारण अधिवक्ताओं को मेरठ कचहरी पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है, जिससे वे समय पर मुकदमों की पैरवी के लिए न्यायालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसी तरह, देहात और अन्य बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वादकारी भी कचहरी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इन परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के बाद, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों, पूर्व महामंत्रियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और अन्य सदस्यों ने सर्वसम्मति से कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए। एसोसिएशन ने तय किया कि जनपद मेरठ के अधिवक्तागण “जमानत प्रार्थना पत्र एवं स्टे की सुनवाई” का कार्य सुचारु रूप से जारी रखेंगे। इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने न्यायालयों से अनुरोध किया कि “जमानत प्रार्थना पत्र एवं स्टे की सुनवाई” के अलावा अन्य नियत वादों में, यदि अधिवक्तागण या वादकारीगण उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो उनके विरुद्ध कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। इसके बजाय, इन वादों में अगली तारीखें निर्धारित की जाएं, ताकि किसी की अनुपस्थिति में कोई विपरीत आदेश न हो। एसोसिएशन ने समस्त अधीनस्थ न्यायालयों को इस संबंध में उचित निर्देश जारी करने की भी अपील की।
Source link