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बदायूं में नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई आज नहीं हो सकी। अदालत ने इस प्रकरण में अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख तय की है। यह मामला वर्ष 2022 से अदालत में विचाराधीन है। इसमें अखिल भारत हिंदू महासभा और इंतजामिया कमेटी मुख्य पक्षकार हैं। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल इस मुकदमे के मुख्य वादी हैं। हिंदू पक्ष का दावा है कि वर्तमान जामा मस्जिद स्थल पर पहले नीलकंठ महादेव का मंदिर था, जिसे आक्रमणकारियों ने मस्जिद में बदल दिया। शिवलिंग शहर के दरीबा मंदिर में स्थापित उनका यह भी कहना है कि वहां से प्राप्त शिवलिंग अब भी शहर के दरीबा मंदिर में स्थापित है। इस प्रकरण में पुरातत्व विभाग (ASI) की रिपोर्ट पहले ही न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है। वर्तमान में मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस जारी है। इंतजामिया कमेटी का दावा है कि उस स्थान पर सदैव से मस्जिद ही रही है और वहां किसी मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं था। मुस्लिम पक्ष यह भी तर्क दे रहा है कि यह मामला सुनवाई योग्य नहीं है।
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