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बांदा के अटल आवासीय विद्यालय की कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए सुबह 3 बजे जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल में मौजूद आवासीय विद्यालय की शिक्षक शीतल पटेल ने बताया कि अस्पताल लाई गई छात्राओं को कमजोरी और तेज तापमान के कारण बुखार की शिकायत थी। उन्होंने बताया कि सुबह तक पाँच छात्राएँ अस्पताल आई थीं, जिनमें से तीन की हालत में सुधार होने पर उन्हें वापस भेज दिया गया, जबकि एक छात्रा को उसके अभिभावक अपने साथ ले गए। बाद में भी अन्य छात्राओं के अस्पताल आने का सिलसिला जारी रहा। स्टाफ नर्स ने बताया कि छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की मुख्य वजह भीषण गर्मी और कमजोरी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपचार मिलने के बाद छात्राओं की स्थिति सामान्य हो रही है और फिलहाल किसी अन्य गंभीर समस्या की जानकारी नहीं है। विद्यालय में व्यवस्थाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर शीतल पटेल ने बताया कि वहां पंखे और जनरेटर की व्यवस्था मौजूद है और सभी उपकरण संचालित हैं, लेकिन कूलर की व्यवस्था नहीं है। उनका कहना था कि मौजूदा समय में तापमान इतना अधिक है कि केवल पंखों से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच छात्राओं के लगातार बीमार होने की घटनाओं ने विद्यालयों में गर्मी से बचाव के इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उपचार के बाद छात्राओं की हालत में सुधार हो रहा है। वहीं विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। इस मामले में जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के ईएमओ शुभम ने बताया कि उनकी ड्यूटी के दौरान अटल आवासीय विद्यालय से तीन छात्राओं को जिला अस्पताल लाया गया। इनमें काजल और शिवानी नाम की छात्राएँ शामिल हैं। इन तीनों छात्राओं को घबराहट की शिकायत थी, इसलिए उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। प्रारंभिक जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई है। ईएमओ शुभम ने आगे बताया कि घबराहट के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जैसे खाने-पीने में कमी, कमजोरी या किसी मानसिक दबाव के कारण भी यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फिलहाल सभी छात्राओं का चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार किया जा रहा है।
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