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मुजफ्फरनगर में विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले विद्युत विभाग ने शिविर संचालकों और शिवभक्तों के लिए सुरक्षा संबंधी अहम एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ सेवा शिविरों में बिना वैध विद्युत कनेक्शन के बिजली का उपयोग न करें। सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। रविवार रात करीब 8:30 बजे जारी सूचना में बताया गया है कि कांवड़ शिविर लगाने वाले आयोजक अस्थायी बिजली कनेक्शन सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए टाउनहॉल, जानसठ और खतौली स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालयों में आवेदन किया जा सकता है। विभाग के अनुसार प्रत्येक कनेक्शन पर 100 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित किया गया है। चार किलोवाट तक के अनमीटर्ड कनेक्शन के लिए 336 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिदिन तथा पांच से बीस किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 5600 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है। बिजली विभाग ने श्रद्धालुओं और शिविर संचालकों से अपील की है कि बिजली के खंभों, हाईटेंशन लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर लगी बैरिकेडिंग पर कांवड़ या अन्य सामान न टांगें तथा बिजली की लाइनों के नीचे किसी भी प्रकार का सेवा शिविर स्थापित न करें। विशेष रूप से ऊंची कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्तों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि यात्रा के दौरान यह सुनिश्चित करें कि ऊंची कांवड़ ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों के संपर्क में न आए। साथ ही शिविरों में विद्युत उपयोग से पहले विद्युत सुरक्षा निदेशालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना भी आवश्यक है। बिजली विभाग ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी से अपील की गई है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर दुर्घटनाओं से बचें।
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