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बस्ती की बदहाली देखकर रिश्ते वाले लौट जाते हैं। बेटियों की शादी नहीं हो पा रही है। दलित बस्ती है, गरीब लोग हैं इसलिए कोई सुनता नहीं। सफाई नहीं, लेकिन टैक्स पूरा चाहिए। कीड़े-मकोड़ों की तरह जिंदगी जी रहे हैं। खराब व्यवस्था पर चोट करते ये शब्द आगरा के वार्ड 8 में रहने वालों के हैं। उनका कहना है कि 20 साल से टूटा नाला कई लोगों की जान ले चुका है। नाले की बाउंड्री वॉल टूटी है। कूड़े के ढेर, जर्जर सड़कें और जलभराव ने हालात नारकीय बना दिए हैं। खुद पार्षद निधि पटेल का कहना है कि अगर अब सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे। नगर निगम से कोर्ट में बात करेंगे।
दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान पूरे वार्ड में बदहाली नजर आई। लोगों का आरोप है कि दलित बस्ती होने की वजह से विकास नहीं हुआ। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी के तहत वार्ड-8 का जायजा लिया गया… खतैना का जायजा लिया तो हालात चौंकाने वाले मिले। 5 मिनट की बारिश में ही कई जगह सीवर और नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगीं हैं। खतैना में पूरे नाले की बाउंड्रीवॉल टूटी मिली। नाले में दूर-दूर तक सफाई नहीं दिखी। नतीजा- पूरा नाला कूड़े के ढेर से लदा हुआ है। नौबस्ता में कुछ दिन पहले ही एक गली में नया फर्श बना था। लेकिन कुछ दिनों में ही फर्श धंसकर नाली में समा गया। तेली पाड़े की गलियां जर्जर और बदहाल मिलीं। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट की कमी भी दिखी। पहले ये नजारा देखिए… 10 साल से नाला टूटा, बारिश में बनता है हादसों का कारण वार्ड का सबसे बड़ा नाला वर्षों से टूटा पड़ा है। नाले की बाउंड्री वॉल जगह-जगह क्षतिग्रस्त है, जिससे राहगीरों के गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते वर्षों में कई लोग नाले में गिरकर जान गंवा चुके हैं। बारिश के दौरान नाले का पानी गलियों और घरों तक पहुंच जाता है। लोग बोले- 15 दिन बाद होती है सफाई नौबस्ता इलाके में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाली की सफाई महीनों से नहीं हुई है। मोहर्रम पर आखिरी बार सफाई हुई थी, जिसे बीते 15 दिन हो गए हैं। लोगों का कहना है-जो घरों के आगे कूड़े के ढेर लगे हैं वो कल या आज के नहीं, 15 दिन पहले के हैं। नाले-नालियां चोक हैं। सुपरवाइजर से शिकायत करो तो कोई सुनवाई नहीं करता।” तेली पाड़ा की गलियां जर्जर, बारिश में बढ़ती परेशानी तेली पाड़ा इलाके में अधिकांश सड़कें टूट चुकी हैं। जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है। लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। नौबस्ता में कुछ समय पहले बनी एक गली का फर्श भी कुछ ही दिनों में धंसकर नाली में समा गया। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब रही। 15-15 दिन तक नहीं होती सफाई, कूड़े के ढेर से फैल रहा संक्रमण नौबस्ता इलाके में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की सफाई कई-कई दिनों तक नहीं होती। मोहर्रम के दौरान आखिरी बार सफाई हुई थी, उसके बाद करीब 15 दिन तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि घरों के सामने पड़े कूड़े के ढेर कई दिनों तक नहीं उठते। नालियां चोक रहती हैं और शिकायत करने पर भी सुपरवाइजर या नगर निगम के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। स्ट्रीट लाइट नहीं, अंधेरे में गिरकर चोटिल हो रहे लोग वार्ड के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। रात के समय गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। लोगों का कहना है कि अंधेरे और टूटी सड़कों के कारण बच्चे और बुजुर्ग अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कई बार पार्षद और नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन लाइट लगाने के बजाय केवल आश्वासन ही मिला। वार्ड की बड़ी समस्याएं टूटा नाला और बाउंड्री वॉल: करीब एक किलोमीटर लंबा नाला 10 साल से क्षतिग्रस्त है। कई हादसे हो चुके हैं और बारिश में घरों तक पानी पहुंच जाता है। सफाई व्यवस्था बदहाल: नाले और नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। कूड़े के ढेर कई दिनों तक सड़कों पर पड़े रहते हैं। टूटी सड़कें और गलियां: तेली पाड़ा सहित कई इलाकों में सड़कें जर्जर हैं। नई बनी सड़कें भी धंस गई हैं। स्ट्रीट लाइट की कमी: कई गलियां रात में अंधेरे में रहती हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। जलभराव और पेयजल संकट: बारिश में 4 से 5 फीट तक पानी भर जाता है। कई जगह पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है। अंधेरे में गिरकर बच्चे-बुजुर्ग चोटिल हो रहे’
इलाके में स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। रात के समय गलियों में अंधेरा रहता है। अंधेरे और टूटी गलियों की वजह से बच्चे और बुजुर्ग अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कई बार पार्षद से लाइट के लिए बोला है लेकिन लाइट की जगह आश्वासन मिल कर रह जाता है। ———– ये खबर भी पढ़िए… 10 साल से नहीं बनी गली, 3 फीट भरता पानी:वार्ड-69 में सीवर होल खुले, स्ट्रीट लाइटें खराब; लोग बोले-निगम कार्यालय का घेराव करेंगे 10 साल से गली नहीं बनी। बारिश में पानी भर जाता है। अब नहीं बनी तो नगर निगम का घेराव करेंगे…। यह दर्द वार्ड-69 आवास विकास दक्षिणी की अनीता का है। वार्ड के लोग उपेक्षा झेलते-झेलते परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि गलियां टूटी हैं। नालियां चोक हैं। सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। बारिश में कई इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है। खुले सीवर, जर्जर पुलिया और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बीच लोग हादसों के साये में जी रहे हैं। भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों का गुस्सा फूटा। उनका कहना है कि चुनाव के समय वादे होते हैं, जीतने के बाद पांच साल कोई हाल पूछने नहीं आता। कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने तीन साल में एक बार भी पार्षद को नहीं देखा। पार्षद मोहल्ले में आते ही नहीं। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़िए… दुनिया भर की सड़कें बन गईं, हमारी नहीं बनी…:वार्ड-75 में लोग खराब रास्तों से परेशान, बोल- सीवर उफना रहे हैं और नाले चोक हैं दुनिया भर की सड़कें बन गईं, हमारी नहीं बनी। पार्षद आते हैं, आश्वासन देकर चले जाते हैं। उसके बाद कोई वापस मुड़कर नहीं देखते…। ये शिकायतें वार्ड-75 आवास विकास में रहने वालों की हैं। उनका कहना है कि वार्ड की मुख्य सड़कें चमचमा रही हैं, लेकिन अंदर हालात बदतर हैं। गलियां टूटी हैं, सीवर उफना रहे हैं। जलभराव अक्सर बना रहता है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान वार्डवासियों ने खुलकर अपनी बात रखी। बताया कि बारिश होते ही घरों में गंदा पानी घुस जाता है, जबकि कॉलोनी के बाहर कूड़े के ढेर और नालियां चोक हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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