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महोबा जिले के महोबकंठ में एक स्कूली वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बसंत वैली पब्लिक स्कूल की इस वैन में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे और इसका बीमा भी समाप्त हो चुका था। गनीमत रही कि हादसे में सभी बच्चे सुरक्षित बच गए, लेकिन घटना ने स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर कर दी है। यह घटना महोबकंठ थाना क्षेत्र में हुई, जब बच्चों से भरी वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के भीतर बैठे बच्चे सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने तुरंत मदद की और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे के बाद कक्षा 7 की सृष्टि और सोम, तथा कक्षा 5 के समर्थ सहित अन्य बच्चों ने बताया कि ड्राइवर बहुत तेज गाड़ी चला रहा था। हालांकि, थाना प्रभारी विनोद कुमार सरोज के अनुसार, शुरुआती जांच में स्टेयरिंग फेल होना हादसे की वजह सामने आ रही है। दुर्घटना के बाद एआरटीओ दयाशंकर की जांच में स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में पता चला कि दुर्घटनाग्रस्त वैन का बीमा काफी पहले ही समाप्त हो चुका था। आरटीओ रिकॉर्ड के अनुसार, जिस वैन की पासिंग क्षमता मात्र 8 बच्चों की है, उसमें क्षमता से दोगुने यानी 12 से 13 बच्चे सवार थे। स्कूल प्रबंधक दिलीप कुमार गुप्ता ने स्वयं स्वीकार किया कि गाड़ी में 12 से 13 बच्चे सवार थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। हादसे की खबर मिलते ही अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की। भले ही इस घटना में सभी बच्चे सुरक्षित रहे और एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसने मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही स्कूल प्रबंधन की लापरवाहियों को उजागर कर दिया है। लेकिन बिना बीमा और ओवरलोडिंग के दौड़ रही इस गाड़ी पर एआरटीओ और पुलिस प्रशासन क्या सख्त एक्शन लेता है, यह देखना अभी बाकी है।
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