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फर्रुखाबाद में बीते चार दिनों से शहर के कुछ मोहल्लों में बिजली कटौती हो रही है। इसके साथ ही कुछ उपभोक्ताओं के मीटर का लोड भी बढ़ा दिया गया है। इन समस्याओं को लेकर सोमवार सुबह 11 बजे फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपभोक्ता अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। अधीक्षण अभियंता के अनुपस्थित होने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि विभाग द्वारा लगातार अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी में जनपद वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने इस कटौती को तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि लाइन शिफ्टिंग का कोई कार्य है, तो उसे ऐसे समय पर किया जाए जिससे आम जनता को असुविधा न हो। उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, पहले स्मार्ट मीटर लगाए गए, फिर उन्हें बंद कर पोस्टपेड मीटर में बदल दिया गया। सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिन उपभोक्ताओं का मीटर भार पहले दो किलोवाट था, उनका भार बिना किसी परीक्षण के तीन से पांच किलोवाट तक बढ़ा दिया गया है। इससे बढ़े हुए बिल आ रहे हैं, जो उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रहे हैं। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि बिना किसी पूर्व सूचना या सर्वे के घरेलू मीटर का स्वीकृत लोड जबरन बढ़ाना अस्वीकार्य है। उपभोक्ताओं ने क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाने और एक निश्चित शेड्यूल के अनुसार ही बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निवेदन किया। इस दौरान आयुष सक्सेना, सौरभ मिश्रा, राजीव पाल, राजीव वर्मा, नीरज अनुज मिश्रा, आफताब, कुलदीप सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बच्चों को पढ़ने में भी हो रही दिक्कत निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष ने बताया बिजली कटौती इन दोनों बहुत हो रही है। बच्चों को पढ़ने में भी भीतर गर्मी में दिक्कत हो रही है। मेरा सिर्फ यही कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती न की जाए। हमारी मांग यही है कि शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति मिले। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया सुबह 6:00 बजे से ही बिजली की कटौती कर दी जाती है। जबकि मीडिया में बताया जाता है कि 10 बजे से बिजली की कटौती 1:00 बजे तक की जाएगी, लेकिन यह समय भी निर्धारित नहीं रहता। लोगों के इनवर्टर तक बोल जाते हैं इस भीषण गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही दूसरी गंभीर समस्या है कि बिना जानकारी दीजिए ही लोगों के मीटर का भार बढ़ा दिया जा रहा है। जिसका 1 किलो वाट है उसका दो से तीन किलो का कर दिया जा रहा है।
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