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नोएडा की थाना फेस-1 पुलिस ने स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर “ऑपरेशन साइबर वज्र” के तहत कार्रवाई की। रविवार को सेक्टर-2 नोएडा से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मैनपुरी निवासी सुदेश और बृजेश भदौरिया, दिल्ली निवासी अर्जुन और मध्य प्रदेश निवासी संदीप तिवारी के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 9 डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, 3 बैंक पासबुक (म्यूल खाता) और 4 यूपीआई साउंड बॉक्स बरामद किए गए हैं। नोएडा के एडिशनल डीसीपी मनीष सिंह ने रविवार दोपहर को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। ऑपरेशन साइबर वज्र डीसीपी ने बताया कि “ऑपरेशन साइबर वज्र” के तहत थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध खातों को विभिन्न बैंकों में हॉट स्पॉट और रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। इसमें 19 रेड जोन में लगभग 2500 मोबाइल फोन और एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के क्रम में इस कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे नौकरी की तलाश कर रहे व्यक्तियों का डेटा Quicker.com और अन्य वेबसाइटों से प्राप्त करते थे। इसके बाद वे उन्हें स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कॉल करते थे। व्यक्ति के झांसे में आने पर उसके नाम से फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार कर भेजे जाते थे और रजिस्ट्रेशन/प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये की धनराशि फर्जी बैंक खातों (म्यूल खातों) में ट्रांसफर करा ली जाती थी। ठगी के बाद आरोपी इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे। जरूरत पड़ने पर वे गरीब और अनजान व्यक्तियों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से नए सिम कार्ड प्राप्त कर लेते थे। इस प्रकार आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर व्यक्तियों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इस प्रकार की ठगी से संबंधित 20 से अधिक शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं।
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