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भोपाल20 मिनट पहले

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12 मई को ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध हालात में मिला था। 1 जून को सीबीआई की टीम ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर जाकर सीन रिक्रिएट किया था। - Dainik Bhaskar

12 मई को ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध हालात में मिला था। 1 जून को सीबीआई की टीम ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर जाकर सीन रिक्रिएट किया था।

भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है।

सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर स्किन टिश्यू मिलने और बेल्ट के निशानों का गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क से मेल खाने की बात सामने आई है। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 11 पेज की अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। रिपोर्ट की अनुपालन प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम करने के साथ घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था।

बताया जा रहा है कि हिस्टोपैथोलॉजिकल और अन्य लैब जांच में जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू की पुष्टि हुई है। साथ ही बेल्ट पर मौजूद निशानों और ट्विशा की गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता पाई गई है। रिपोर्ट तैयार करने से पहले विशेषज्ञों ने करीब एक महीने तक विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षण और फॉरेंसिक विश्लेषण किए।

रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह का घर भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में है।

रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह का घर भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में है।

रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं, CBI करेगी जांच में इस्तेमाल

दिल्ली AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट की सामग्री पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने सभी संभावित पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर निष्कर्ष तैयार किए हैं। कोर्ट के निर्देशों के चलते रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।

हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ था दूसरा पोस्टमॉर्टम

12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। शुरुआती जांच और पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद परिजन ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद दिल्ली AIIMSसे दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने और बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए गए।

दूसरा पोस्टमॉर्टम क्यों कराना पड़ा?

पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल की गई जिम बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी। इसी कारण मौत के कारण और इस्तेमाल हुई सामग्री को लेकर कई सवाल बने रहे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। अब यह अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई की जांच में अहम वैज्ञानिक साक्ष्य मानी जा रही है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही कोर्ट में पेशी

बता दें कि गिरिबाला सिंह फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल के महिला बंदी वार्ड में बंद हैं, जबकि समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल के ‘बी’ खंड स्थित बिल्डिंग सेंटर में न्यायिक हिरासत में है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर 2 जून को जेल भेजा गया था, तब से उनकी हर सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई जा रही है।

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