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बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट के बाहर दलित महापंचायत आयोजित की गई। कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, दलित समाज के लोग और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में पीड़िता की मां भी शामिल हुईं और उन्होंने प्रशासन व पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता की मां ने कहा कि उनकी बेटी 16 मई को आरजी कॉलेज गई थी। आरोप है कि रास्ते में अंकुश, निशांत और अंकित ने उसका अपहरण किया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया, गला घोंटकर हत्या कर दी और शव पर तेजाब डाल दिया। उनका कहना है कि आरोपियों की मां भी इस पूरे मामले में दोषी है। मां ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के शव पर कई बार तेजाब डाला गया, इसके बावजूद रिपोर्ट में सही तथ्य दर्ज नहीं किए गए। उनका आरोप है कि पुलिस और प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे हैं। पीड़िता की मां ने सीओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीओ ने पैसे लेकर कार्रवाई प्रभावित की है। उन्होंने कहा कि 26 तारीख को उन्हें आठ दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। उनका आरोप है कि सीओ उनके घर आकर धमकाती हैं और उनकी शिकायत नहीं सुनी जा रही। मां ने मांग की कि गिरफ्तार आरोपी को फांसी की सजा दी जाए, जबकि फरार आरोपी अंकुश और निशांत को उम्रकैद की सजा मिले। उन्होंने आरोपी अंकित की नौकरी समाप्त करने और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की। पीड़िता की मां ने कहा कि कि उन्हें कलेक्ट्रेट के अंदर नहीं जाने दिया गया और गेट पर ही रोक दिया गया। उनका कहना है कि अधिकारियों ने गेट बंद कर दिया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। पीड़िता की मां ने कहा कि जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “हम अपनी बेटी के लिए इंसाफ लेकर ही जाएंगे।”
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