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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से शिक्षा विभाग की दो महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) व्यवस्था शामिल है। इसी क्रम में कानपुर देहात के माती स्थित ईको पार्क के कम्युनिटी हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। कानपुर देहात के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत पाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे। इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने डीबीटी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि सीधे भेजी जाएगी। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों तक सहायता समयबद्ध तरीके से पहुंच सकेगी। राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं। सरकार इन दोनों क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से प्रदेश के 12 लाख से अधिक शिक्षकों और पात्र लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। यह शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब सरकार ने पूरा किया है। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और डीबीटी व्यवस्था शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगी, जो शिक्षकों और छात्रों दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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