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रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के खिलाफ 2019 के भड़काऊ भाषण मामले में दायर अपील पर मंगलवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में सुनवाई पूरी हो गई। दोनों पक्षों की बहस समाप्त होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब इस मामले में 18 जुलाई को निर्णय सुनाए जाने की संभावना है। दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई सुनवाई शाम लगभग चार बजे तक चली। इस दौरान अपीलकर्ता और आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला अपने अधिवक्ता जुल्फिकार अली तुर्क के साथ अदालत में मौजूद रहे। अपीलकर्ता पक्ष ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अपने तर्क रखे, जबकि दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला 29 मार्च 2019 का है। आरोप है कि समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित एक सभा के दौरान मोहम्मद आजम खान ने ऐसा भाषण दिया था, जिसकी वीडियो बाद में सामने आई। शिकायत के अनुसार उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ लोगों को भड़काने वाले बयान दिए थे। उन पर रामपुर को “खून से नहलाने” और “कमजोर लोगों पर अत्याचार कराने” जैसे आरोप लगाने की बात कही गई थी। इसी मामले में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला ने 2 अप्रैल 2019 को शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में जांच पूरी कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 18 दिसंबर 2025 को साक्ष्यों के अभाव में मोहम्मद आजम खान को आरोपों से बरी कर दिया था। निचली अदालत के इसी फैसले को चुनौती देते हुए सेशन ट्रायल में अपील दायर की गई थी। अब इस बहुचर्चित मामले में 18 जुलाई को आने वाले फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं। फैसल खान लाला ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
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