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प्रयागराज की 15 यूपी बटालियन एनसीसी में मंगलवार को आयोजित तिमाही एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (ANO) और केयरटेकर ऑफिसर (CTO) कॉन्फ्रेंस में ट्रेनिंग को अधिक प्रभावी और करियर-उन्मुख बनाने पर मंथन किया गया। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेट्स को सीधे सशस्त्र बलों के मानकों के अनुरूप तैयार करना है। इसके लिए संशोधित ट्रेनिंग सिलेबस लागू किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस में अग्निवीर भर्ती की तैयारी, एनसीसी के नए हिंदी प्रशिक्षण मॉड्यूल और आगामी कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप (CATC) की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कर्नल रावत ने स्पष्ट किया कि अब कैडेट्स को केवल ड्रिल ही नहीं, बल्कि सेना भर्ती के हर चरण के लिए तैयार किया जाएगा। हिंदी मॉड्यूल से आसान होगी ट्रेनिंग बटालियन ने एनसीसी के संशोधित ट्रेनिंग सिलेबस को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशिक्षण को सरल और प्रभावी बनाने के लिए तैयार किया गया हिंदी सारांश (प्रिसिस) सभी सब-यूनिट्स में वितरित किया गया है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के कैडेट्स को सैन्य शब्दावली और रणनीतियों को समझने में आसानी होगी। अग्निवीर भर्ती के लिए विशेष तैयारी कॉन्फ्रेंस में अग्निवीर भर्ती योजना के तहत मिलने वाले अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने निर्देश दिए कि प्रत्येक एनसीसी संस्थान अब ‘कैडर सेंटर’ की तरह काम करेगा। कैडेट्स को शारीरिक फिटनेस, लिखित परीक्षा और व्यक्तित्व विकास का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे सेना भर्ती के मानकों पर खरे उतर सकें। रिकॉर्ड और सुविधाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में डॉक्यूमेंटेशन, रिकॉर्ड-कीपिंग और संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। कर्नल रावत ने कहा कि व्यवस्थित योजना और कैडेट्स की प्रगति की नियमित निगरानी से ही एनसीसी सर्टिफिकेट परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। CATC कैंप की तैयारियां तेज करने के निर्देश कॉन्फ्रेंस के अंत में आगामी कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप (CATC) की तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया गया। एएनओ और सीटीओ को निर्देश दिए गए कि वे अपने संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ कैडेट्स को राष्ट्र सेवा और सैन्य करियर के लिए प्रेरित करें।
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