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जौनपुर में नगर पंचायत गौराबादशाहपुर में शनिवार तक अधिशासी अधिकारी (ईओ) की तैनाती को लेकर असमंजस बना हुआ है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की ओर से ईओ शशिकांत तिवारी के स्थानांतरण पर रोक लगाए जाने के बावजूद उन्हें नगर पंचायत का कार्यभार नहीं मिल सका। करीब दो महीने बाद जिला प्रशासन ने नगर पंचायत बदलापुर के ईओ स्वतंत्र प्रताप सिंह को गौराबादशाहपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। 31 मई को हुआ था तबादला नगर निकाय निदेशालय ने 31 मई को शशिकांत तिवारी का स्थानांतरण गौराबादशाहपुर से बिधूना, औरैया के लिए किया था। तिवारी ने इस आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने बताया कि उन्हें जनगणना-2027 के लिए चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भारत सरकार के 11 मार्च के निर्देशों के अनुसार ऐसी स्थिति में उनका स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। 22 जून को हाईकोर्ट ने लगाई रोक मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ला ने 22 जून को स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। कोर्ट ने शशिकांत तिवारी को गौराबादशाहपुर के ईओ के रूप में कार्य करते रहने और वेतन का भुगतान करने का निर्देश भी दिया था। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला कार्यभार कोर्ट के निर्देश के बावजूद शशिकांत तिवारी को गौराबादशाहपुर नगर पंचायत का कार्यभार नहीं मिल सका। ईओ की तैनाती नहीं होने से कर्मचारियों के वेतन भुगतान, सफाई वाहनों के डीजल भुगतान समेत कई प्रशासनिक और वित्तीय कार्य प्रभावित होने लगे। 4 अगस्त को प्रशासन ने जारी किया संशोधित आदेश कामकाज प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 4 अगस्त को संशोधित आदेश जारी किया। इसके तहत नगर पंचायत बदलापुर के ईओ स्वतंत्र प्रताप सिंह को उनके मूल दायित्वों के साथ गौराबादशाहपुर नगर पंचायत के ईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को 5 अगस्त को कार्यालय पत्र के माध्यम से दी गई। वेतन और सफाई व्यवस्था का हवाला प्रशासन के आदेश में कहा गया है कि ईओ की तैनाती नहीं होने के कारण नगर पंचायत कर्मचारियों के वेतन भुगतान और सफाई कार्य में लगे वाहनों के ईंधन भुगतान में परेशानी हो रही थी। इससे नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी। संयुक्त हस्ताक्षर के बिना नहीं निकल पा रही धनराशि आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर पंचायत की विभिन्न मदों की धनराशि कोषागार में पड़ी है। इसके आहरण के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी हैं। ईओ की अनुपस्थिति में इन कार्यों में भी बाधा आ रही थी। नियमित तैनाती होते ही खत्म हो जाएगा अतिरिक्त प्रभार प्रशासन ने नगर पंचायत का कामकाज सुचारु रखने के लिए फिलहाल अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासन या नगर निकाय निदेशालय की ओर से गौराबादशाहपुर में ईओ की नियमित तैनाती या संबद्धता होने पर स्वतंत्र प्रताप सिंह का अतिरिक्त प्रभार स्वत: समाप्त हो जाएगा। 19 अगस्त की सुनवाई पर रहेगी नजर अब गौराबादशाहपुर नगर पंचायत में ईओ की तैनाती को लेकर स्थिति 19 अगस्त को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल हाईकोर्ट की रोक के बावजूद शशिकांत तिवारी को कार्यभार नहीं मिलने और दूसरे नगर पंचायत के ईओ को अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर मामला चर्चा में है।
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