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हमीरपुर में 10 साल पुराने नाबालिग से गैंगरेप मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने शुक्रवार को चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों पर 62 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि यह घटना 28 अप्रैल 2016 की है। सिसोलर थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी दोपहर करीब दो बजे अपने पिता को खेत में खाना देने घर से निकली थी, लेकिन खेत नहीं पहुंची। शाम को पिता के घर लौटने पर छोटी बेटी ने बताया कि बहन खाना लेकर खेत गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति ने किशोरी को एक युवक के साथ बाइक पर जाते देखा था। पिता की तहरीर पर सिसोलर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। करीब सवा माह बाद पुलिस ने किशोरी को हमीरपुर बस स्टैंड से बरामद किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि रास्ते में छोटू और रोहित ने उसे जबरन बाइक पर बैठाया और सुमेरपुर स्थित सतेंद्र के घर ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसे ट्रेन से सूरत ले जाया गया और लखना के घर में रखा गया। कुछ दिनों बाद छोटू और रोहित गांव लौट आए। इसी दौरान गांव के ही दीवाना पुत्र बरदानी ने उसे अपने कमरे पर ले जाकर दुष्कर्म किया। बाद में जब दीवाना उसे गांव वापस ला रहा था, तभी हमीरपुर बस स्टैंड पर पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने लखना पुत्र चेरू, दीवाना पुत्र बरदानी, रोहित सिंह पुत्र राजभान और छोटू उर्फ सूरजपाल निवासी छोटा लेवा के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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