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सोनभद्र नगर पालिका रॉबर्ट्सगंज से मूल खसरा दस्तावेज 2018 से लापता है। समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद यह महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख गायब हुआ है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कुशवाहा ने सवाल उठाया कि पुलिस जांच में क्या सामने आया है और क्या कोई क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्ट दाखिल की गई है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। खसरा जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज का गायब हो जाना गंभीर चिंता का विषय है। सोनभद्र जिले में जमीन से जुड़े विवादों के सर्वाधिक मामले सामने आते हैं। उम्भा जैसी घटनाएं, जो भूमि विवादों से जुड़ी थीं, इस क्षेत्र में जमीनी समस्याओं की गंभीरता को दर्शाती हैं। एक ओर जहां लोग जंगल, जमीन के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ते जमीनी विवाद किसी भी बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। समाधान दिवस, तहसील दिवस, आईजीआरएस और अन्य जनसुनवाई मंचों पर पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी जैसे अधिकारी भी सर्वाधिक जमीन से जुड़े मामलों को सुनते हैं। ऐसी गंभीर समस्या के समाधान के बजाय, सरकारी रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण अभिलेख ही सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से गायब है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि आठ साल से भाजपा सरकार किसे बचा रही है। उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और संबंधित अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह ठहराया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जनता के प्रति जवाबदेही एक मूलभूत आवश्यकता है।
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