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वाराणसी पुलिस अब 10 साल पुराने अपराधियों की कुंडली तैयार करेगी। हल्के के दरोगा और बीट के सिपाही गांव-गांव और शहर तक इन अपराधियों की सक्रियता की निगरानी करेंगे। इसकी निगरानी की रिपोर्ट बनेगी और लापरवाह दरोगा-सिपाहियों पर गाज गिरेगी। पुलिस पूर्व अपराधियों की सक्रिय पैरवी करते हुए हालिया अपराधों के साथ-साथ पूर्व मामलों में प्राप्त जमानत निरस्तीकरण के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। सरकारी वकील के जरिए कोर्ट में प्रभावी रूप से जमानत रद कराने का प्रयास करेगी। आदतन एवं गैंग बनाकर अपराध करने वालों के विरुद्ध धारा 111/112 बीएनएस की कार्रवाई कर आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा। अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध जब्तीकरण की कार्रवाई होगी। मोहल्लों, गांवों एवं कालोनियों में सक्रिय शोहदों, गुण्डों एवं असामाजिक तत्वों का चिन्हीकरण किया जाएगा। वाराणसी में अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम थानेदारों को पुलिस कमिश्नर ने शुक्रवार रात बेहतर पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। साइबर अपराधियों पर सरेंडर होने वाले पुलिस अफसरों को वज्र अभियान में सक्रिय होने के गुर सिखाए। शुक्रवार रात 11 बजे वाराणसी यातायात लाइन सभागार में मोहित अग्रवाल ने मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में सख्त एवं सक्रिय पुलिसिंग में साइबर अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन तथा श्रावण माह की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साइबर अपराधियों के विरुद्ध Cy-वज्र अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई, फ्रॉड नंबर, म्यूल अकाउंट एवं साइबर हॉटस्पॉट पर कार्रवाई तथा जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। विवेचनाओं का 90/60 दिवस की अवधि से पूर्व निस्तारण, ई-साक्ष्य एवं ई-समन की शत-प्रतिशत कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। आदतन एवं संगठित अपराधियों पर निगरानी, गैंगस्टर प्रवृत्ति के अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई, अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती, गुणवत्तापूर्ण जांच, जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था तथा स्कूल-कॉलेजों के आसपास एंटी रोमियो अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। श्रावण माह के दृष्टिगत मंदिरों, कांवड़ मार्गों एवं घाटों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, पुलिस सहायता केंद्र, पिकेट एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। RTC योजना के तहत चिन्हित मार्गों पर अतिक्रमण हटाकर यातायात सुगम बनाने सड़क सुरक्षा, रॉन्ग साइड ड्राइविंग एवं अवैध पार्किंग के विरुद्ध अभियान चलाने पर जोर दिया गया। इस दौरान समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी/चौकी प्रभारी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे । अब समझिए समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु • Cy-Vazra अभियान के 06 माह में साइबर प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक SHO/SO को कम से कम 10 मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। • फ्रॉड मोबाइल नंबर, म्यूल अकाउंट एवं साइबर क्राइम हॉटस्पॉट के विरुद्ध अभियान चलाकर पहचान, सत्यापन एवं आवश्यक विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। • साइबर जागरूकता अभियान नियमित रूप से संचालित कर आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक एवं साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। दरोगा समय पर पूरी करें विवेचनाएं • विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए 60-90 दिवस की निर्धारित समयावधि पूर्ण करें। सभी मामलों का निस्तारण करने तथा लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। • ई-साक्ष्य प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को अभियोग में समय से ई-साक्ष्य(SID) तैयार रखें। • ई-सम्मन तामिला को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश- • चैन स्नैचिंग, लूट, चोरी, नकबजनी, गोकशी एवं धर्मांतरण जैसे अपराधों से जुड़े 10 साला अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर नियमित निगरानी एवं अभियान चलाएं। • 10 साला अपराधियों की निगरानी संबंधित चौकी प्रभारी एवं बीट कांस्टेबल द्वारा नियमित रूप से की जाएगी। निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। • पूर्व अपराधियों की सक्रिय पैरवी करते हुए हालिया अपराधों के साथ-साथ पूर्व मामलों में प्राप्त जमानत निरस्तीकरण को न्यायालय में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए। • आदतन एवं गैंग बनाकर अपराध करने वालों के विरुद्ध धारा 111/112 बीएनएस के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई कर उनकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। • अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्तीकरण की कार्रवाई प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से करने हेतु निर्देशित किया गया। • मुकदमा पंजीकरण के दौरान धाराओं का अल्पीकरण किसी भी दशा में न करने तथा उपलब्ध तथ्यों के अनुसार उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए। • मोहल्लों, गांवों एवं कालोनियों में सक्रिय शोहदों, गुण्डों एवं असामाजिक तत्वों का चिन्हीकरण कर उन पर निगरानी एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। • स्कूल एवं कॉलेज खुलने के दृष्टिगत थाना स्तर पर एंटी रोमियो एवं चेकिंग टीम गठित कर शोहदों के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। • स्कूल/कॉलेज परिसरों की सुरक्षा हेतु मुख्य प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रबंधन को नोटिस जारी कर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। • गुमशुदगी के मामलों में तत्काल अभियोग पंजीकरण एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए किसी प्रकार की टालमटोल पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। • जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने को सभी SHO/SO/ICOP को प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 02:00 बजे तक नियमित जनसुनवाई करेंगे। • जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए सभी जांच अधिकारियों को निष्पक्ष, तथ्यपरक, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मिला।



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