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लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 119 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे गिरोह के मास्टरमाइंड और ₹25 हजार के इनामी विनीत वशिष्ठ समेत तीन आरोपियों को क्राइम ब्रांच और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाकर पूछताछ की जा रही है। पहले गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर देखिए… 119 आरोपी गिरफ्तार हुए थे पुलिस के मुताबिक, 2 जुलाई को समिट बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि गिरोह इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर अमेरिका (USA) के नागरिकों को निशाना बनाता था। खुद को विभिन्न संस्थाओं का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लिया जाता था और उनसे बड़ी रकम की साइबर ठगी की जाती थी। मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए थे। कोलकाता से गिरफ्तार करके लाया गया विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ फरार है, जिस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच और साइबर थाना की टीम ने कोलकाता में दबिश देकर विनीत वशिष्ठ के साथ नायकर जयराज और रिंकी दास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क, फंडिंग, विदेशी नागरिकों से की गई ठगी और अन्य फरार सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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