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मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र में एक दलित परिवार ने जातिसूचक भेदभाव, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर शिकायत दर्ज न करने, पैसे लेने और उनके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में रखने का भी आरोप लगाया है। मामले में पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्राम धोवा निवासी सर्वेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति धानुक समाज से हैं। उनके अनुसार, 29 जुलाई 2026 की शाम करीब आठ बजे गांव में गमा देवी पूजा का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान हवन में पूजा सामग्री डालने को लेकर विवाद हो गया। सर्वेश कुमार का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी जाति को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि धानुक समाज के लोग पूजा में शामिल नहीं होंगे। पीड़ित के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर नामजद आरोपियों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उनके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस मारपीट में सर्वेश कुमार के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उनकी पत्नी सरोज तथा पुत्र रामू और धीरेंद्र को भी चोटें आईं। गांव के अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर परिवार को बचाया। सर्वेश कुमार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे थाना एलाऊ में रिपोर्ट दर्ज कराने गए, तो पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी। प्रार्थना पत्र में एक उपनिरीक्षक पर पांच हजार रुपये लेने और बाद में उनके पुत्र दीपू को थाने में बंद करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की इस कार्यशैली से गांव के दबंगों का मनोबल बढ़ गया है और उनका परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
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