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बिजनौर में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का चौधरी ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सोमवार को देर शाम करीब 5 बजे फैसला सुनाते हुए जितेंद्र राठी और अरशद को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी सलीम अख्तर ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी चांदपुर डीपी सिंह ने जितेंद्र राठी, नसीम उर्फ कालू और अरशद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ये आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर लूट और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे। उनके खिलाफ लूट और अवैध हथियार रखने जैसे कई मुकदमे पहले से ही दर्ज थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों के आपराधिक कृत्यों के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल था। लोग उनके खिलाफ गवाही देने से डरते थे। सुनवाई के दौरान, आरोपी नसीम उर्फ कालू का मामला अन्य आरोपियों से अलग कर दिया गया था। इसके बाद न्यायालय में जितेंद्र राठी और अरशद के खिलाफ विचारण चला। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का चौधरी ने जितेंद्र राठी और अरशद को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराया। प्रत्येक को तीन वर्ष के कठोर कारावास और चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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