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जालौन के हथनौरा गांव प्रशासक के अपहरण, मारपीट, लूटपाट और जूतों की माला पहनाकर अपमानित किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 10 नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पीड़ित ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। चुर्खी थाना क्षेत्र के हथनौरा गांव निवासी पूर्व प्रधान वीर सिंह (49) पुत्र शिवनाथ सिंह ने बताया कि 19 जुलाई को वह महेवा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख की बहन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए थे। वहां से लौटते समय जैसे ही वह पिपरौधा-हथनौरा मार्ग पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें रोक लिया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने जुगनू महापंचायत का जिक्र करते हुए गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें जबरन एक वाहन में बैठाकर कालपी क्षेत्र स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया, जहां दोबारा बेरहमी से पीटा गया। जूतों की माला पहनाकर वीडियो बनाने का आरोप फार्महाउस पर आरोपियों ने उनके गले में जूतों की माला पहनाई और वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके गले से सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां और करीब 2,700 रुपये की नकदी भी छीन ली गई। बाद में उन्हें अधमरी हालत में सिकरी पावर प्लांट के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए। 10 नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पूर्व प्रधान ने अपनी शिकायत में चन्द्रपाल सिंह रूरा, कृष्णपाल सिंह उर्फ बल्लू राणा, श्रीकांत, शशिकांत, अनुज सिंह, सुरजीत वरनाले, वीर सिंह, राजेश सिंह, विश्वनाथ सिंह गपोचे, राजेश सिंह समेत 10 नामजद और चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। उनका आरोप है कि घटना 5 जुलाई को हुई जुगनू महापंचायत की रंजिश का परिणाम है और पहले भी उन्हें धमकियां मिल चुकी थीं। गिरफ्तारी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी पीड़ित ने प्रशासन से सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पुलिस बोली- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर 10 नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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